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नागौर: उपचुनाव को लेकर जनता के बीच पहुंची राजनीतिक पार्टियां, उठाए कई मुद्दे

प्रदेश के सियासी उलट फेर में अब सभी की नजरें खींवसर विधानसभा के उपचुनाव पर आकर टिक गई है. सियासी समीकरण चाहे कुछ भी हो लेकिन बोतल से मुद्दों का जिन्न जरूर बाहर आ गया है. 

नागौर: उपचुनाव को लेकर जनता के बीच पहुंची राजनीतिक पार्टियां, उठाए कई मुद्दे
सभी पार्टियों ने चुनावी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाना शुरू कर दिया है.

नागौर: राजस्थान के नागौर जिले के खींवसर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर अब मुद्दों की बात होने लगी है. उम्मीदवार चाहे भाजपा एवं आरएलपी गठबंधन के नारायण बेनीवाल हो या फिर कांग्रेस के उम्मीदवार हरेंद्र मिर्धा, सभी ने खींवसर क्षेत्र के विकास, पिछड़ापन एवं किसान समस्याओं को लेकर जनता के बीच जाना शुरू कर दिया है. 

प्रदेश के सियासी उलट फेर में अब सभी की नजरें खींवसर विधानसभा के उपचुनाव पर आकर टिक गई है. सियासी समीकरण चाहे कुछ भी हो लेकिन बोतल से मुद्दों का जिन्न जरूर बाहर आ गया है. फिर चाहे उम्मीदवार सता पक्ष का हो विपक्ष का सभी अपने अपने सियासी मुद्दों को लेकर चुनाव धरातल पर पब्लिक के बीच जाते नजर आ रहे है. कुछ एसे ही राजनीतिक समीकरणों से रुबरू हो रहा है खींवसर क्षेत्र का विधानसभा का उप चुनाव. 

बता दें कि हनुमान बेनीवाल के नागौर के सांसद बनने से खाली हुई खींवसर विधानसभा सीट को लेकर भले ही बीजपी ने आरएलपी से एलायंस कर खींवसर की सीट हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई नारायण बेनीवाल को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं, कांग्रेस ने पूर्व मंत्री एवं नागौर ज़िले के दिग्गज परिवार मिर्धा परिवार से हरेंद्र मिर्धा को खींवसर विधान सभा के उप में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उतारा है. लेकिन मुद्दों का जिन्न आज भी विकास का ही रहा है. इसको लेकर कांग्रेस उम्मीदवार हरेंद्र मिर्धा ने बताया की वह विकास के मुद्दों को लेकर पब्लिक के बीच में चुनावी केम्पेनिंग के रूप में जा रहे हैं.

वहीं, दूसरी ओर खींवसर से पिछले पंद्रह सालों से जन प्रतिनिधित्व कर रहे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने छोटे भाई नारायण बेनिवाल को इस बार खींवसर विधानसभा के उपचुनाव में चुनावी मैदान में उतार कर अपने परिवार के राजनीतिक वर्चस्व को क़ायम रखना चाहते है. साथ ही वह नारायण की उम्मीदवारी को जनता की उम्मीदवारी बताते हुए चुनावी समर में जुट गए हैं. इसको लेकर नारायण बेनिवाल ने बताया की उनका परिवार पिछले कई सालों से जनता की सेवा कर रहे है. जनता के इसी भाव को देखते हुए वह खींवसर क्षेत्र की जनता के बीच जा रहे है. किसानो के अधूरे काम, बिजली, फ़सल बीमा सहित अनेक मुद्दे प्रभावी होंगे. उन्होंने किसानो के मुद्दों को लेकर विधान सभा के उप चुनाव में पब्लिक के बीच जाने की बात कही है.

वहीं, तीसरी ओर पब्लिक भी इस बार के उपचुनाव में अपनी मूल समस्याओं को नेताओं के सामने रखने की बात कही है. जनता ने कहा कि चुनाव आते हैं, नेता आते है और वादे करके चले जाते है. लेकिन जब बात समस्याओं के समाधान की हो तो पब्लिक की समस्याएं वहीं की वहीं पड़ी रह जाती है. जनता चुनाव में अपनी समस्याओं को रखती ज़रूर है लेकिन समाधान सियासी वादों में उलझ कर रह जाता है.