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वेतन बढ़ाने के नाम पर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में हड़ताल, लेफ्ट संगठन से जुड़े हैं कर्मचारी

कुंभ की नगरी की पहचान बने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में मंदिर देवस्थान के कर्मचारी ही हड़ताल पर चले गए हैं. वेतन बढ़ाने कि मांग को लेकर त्र्यंबकेश्वर देवस्थान के 90 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है. मंदिर के 136 कर्मचारी लेफ्ट संगठनों से जुड़े हैं.

वेतन बढ़ाने के नाम पर त्र्यंबकेश्वर मंदिर में हड़ताल, लेफ्ट संगठन से जुड़े हैं कर्मचारी
फोटो : जी न्‍यूज

योगेश खरे, नाशिक : नाशिक जिले के त्र्यंबकेश्वकर मंदिर के 90 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं. शिवजी कें ज्‍योर्तिलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में देशभर से यहाँ आते हैं. कुंभ की नगरी की पहचान बने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में मंदिर देवस्थान के कर्मचारी ही हड़ताल पर चले गए हैं. वेतन बढ़ाने कि मांग को लेकर त्र्यंबकेश्वर देवस्थान के 90 फीसदी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है. मंदिर के 136 कर्मचारी लेफ्ट संगठनों से जुड़े हैं.

लेफ्ट पार्टीयों के संगठन से जुड़े लाल बावटा संगठन के बैनर पर मंदिर के कर्मचारी हड़ताल पर हैं. त्र्यंबकेंश्वर मंदिर कें 142 कर्मचारी हैं. इसमें से लेफ्ट संगठन से जुड़े 136 कर्मचारी हड़ताल पर चले हैं. सिर्फ 6 कर्मचारी के बल पर मंदिर व्यवस्थाप चल रही है. मंदिर के द्वार कि सुरक्षा से लेकर टिकट देने का काम तक सिर्फ 6 कर्मचारी कर रहे हैं.

मंदिर के सुरक्षा कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होने से त्र्यंबकेश्वर मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी नाराज हैं. मंदिर में दर्शन के लिए आए भक्तों को भी असुविधा हो रही है. महाराष्ट्र में लेफ्ट संगठनों के बैनर पर मंदिर कर्मचारियों की हड़ताल पहली बार हो रही है.

त्र्यंबकेश्वर मंदिर कें ट्रस्टी कैसाल घुले का कहना है कि मंदिर कर्मचारियों की हड़ताल सही नहीं है. मंदिर प्रशासन को मध्यस्थता करके हड़ताल खत्म करनी चाहिए थी.

त्र्यंबकेश्वर मंदिर कि ट्रस्टी तृप्ती धरणे ने बताया, कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद अधिकारी और ट्रस्‍ट‍ियों ने अच्छा नियोजन किया, जिससे भक्तों कोई परेशानी नही हुई. मंदिर देवस्थान का काम भी सुचारू रुप सें जारी है. वहीं हड़ताल पर गए कर्मचारी का कहना है कि हमारे मांगों के लिए हम कई सालों सें लड़ रहे हैं.  लेकिन मंदिर प्रशासन हमारी बात सुन नहीं रहा था. इसके लिए मजबूरन हमें सडक पर उतरना पडा.