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पंजाब और हरियाणा अदालत में पेश नहीं कर पाए 'चंडीगढ़' के राजधानी होने की अधिसूचना

 पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने अब केंद्र सरकार को मामले में प्रतिवादी बनाया है और 9 सितम्बर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है .

पंजाब और हरियाणा अदालत में पेश नहीं कर पाए 'चंडीगढ़' के राजधानी होने की अधिसूचना
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: हरियाणा और पंजाब की तरफ से चंडीगढ़ पर अपना अधिकार जताया जाता है लेकिन चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की राजधानी कैसे है इसको साबित करने के लिए दोनों राज्यो के पास न कोई दस्तावेज है न कोई अधिसूचना. पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों से जवाब तलब किया था कि चंडीगढ़ को दोनों राज्यों की राजधानी बनाने को लेकर कोई नोटिफिकेशन या दस्तावेज़ कोर्ट में पेश किए जाएं. 

इस मामले में गुरुवार को सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार के वकील ने कहा की अभी उनके पास ऐसा कोई नोटिफिकेशन नहीं है मगर चंडीगढ़ के पास इससे संबधित अधिसूचना हो सकती है . हालांकि हरियाणा सरकार के वकील का तर्क था कि केंद्र सरकार से इसकी जानकारी मांगी गई है जिसके चलते उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए. पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने अब केंद्र सरकार को मामले में प्रतिवादी बनाया है और 9 सितम्बर के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है . 

एक दूसरे से बढ़कर चंडीगढ़ पर अपना अधिकार बताने वाले पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्यों के पास चंडीगढ़ उनकी राजधानी है को साबित करने के लिए कोई नोटिफिकेशन मौजूद नहीं है. 

वरिष्ठ वकील राजीव आत्माराम ने बताया कि सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जनरल ने कहा कि फिलहाल उनके पास कोई नोटिफिकेशन नहीं है , उन्हें विश्वास है कि चंडीगढ़ प्रशासन के पास कोई नोटिफिकेशन या दस्तावेज हो सकते है. दूसरी तरफ हरियाणा ने कहा की उन्होंने केंद्र सरकार को जानकारी के लिए लिखा है और उन्हें जवाब देने के लिए समय चाहिए . दोनों प्रदेशों की बात सुनने के बाद हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक जवाब माँगा है . 

वरिष्ठ वकील राजीव आत्माराम ने कहा कि 1952 एक्ट में चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी थी मगर 1 नवम्बर 1966 में जब हरियाणा, हिमाचल बने और चंडीगढ़ यू टी बन गया तबसे चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा का हिस्सा नहीं है ऐसे में दोनों राज्य कैसे चंडीगढ़ को अपना हिस्सा मान रहे है . अब कोर्ट में केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन बताएंगे कि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की राजधानी कैसे बनी है.  

गौरतलब है पंजाब सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया था कि 1947 में देश आजाद होने के बाद पंजाब की राजधानी को लाहौर से बदलकर शिमला किया गया था. पंजाब सरकार ने बताया था कि वर्ष 1950 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने चंडीगढ़ को राजधानी बनाने की सोची. 

कैपिटल आफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट-1952 में चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी माना गया. वर्ष 1966 में पंजाब रि-आर्गेनाइजेशन एक्ट में चंडीगढ़ को चाहे केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया, लेकिन पंजाब की राजधानी होने का इसका दर्जा कायम रहा है. पंजाब सरकार ने 20 जुलाई 1947 में वॉयसराय की बैठक के हवाले से कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है जिसे शुरू से ही स्वीकार किया जाता रहा है. हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के इस जवाब को सही जवाब न मानते हुए केंद्र सरकार को इस मामले में जवाब देने को कहा है, जबकि हरियाणा अभी तक कोई जवाब नहीं दे पाया है.

ज्ञात रहे मामला वकील फूल चंद से जुड़ा है जो मूल रूप से चंडीगढ़ से है अनुसूचित जाति में आते हैं. याची का कहना है कि चंडीगढ़ में हरियाणा और पंजाब के कर्मचारियों का कोटा निर्धारित है और डेपुटेशन पर आने वालों को भी निश्चित अनुपात में स्थान दिया जाता है. लेकिन चंडीगढ़ के निवासियों को न तो हरियाणा में और न ही पंजाब में आरक्षण का लाभ दिया जाता है.

याचि ने कहा कि चंडीगढ़ में जिला जजों की नियुक्तियां नहीं होती हैं क्योंकि शहर का खुद का कोई काडर नहीं है. हरियाणा और पंजाब से जजों को डेपुटेशन पर लाया जाता है. ऐसे में चंडीगढ़ का होने के कारण वह न तो शहर में और न ही पंजाब व हरियाणा में आरक्षण का लाभ ले सकता है.  

याचिकाकर्ता पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया गया है जिसमे एमबीए के छात्र जिन्होंने चंडीगढ़ से बाहरवीं पास की थी वो पंजाब में योग्य नहीं माने जाते थे . इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और पंजाब का हिस्सा है इसलिए उन्हें पंजाब के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए योग्य माना जायेगा .

इस आदेश को ग्राउंड बनाकर ही फूल सिंह ने याचिका दायर की. फूल सिंह के मुताबिक दोनों ही राज्य चंडीगढ़ के अनुसूचित जाति के आवेदकों को आरक्षण नहीं देते जबकि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी है. इस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि पहले वह दस्तावेज दिखाओ, जिसमें यह तय किया गया हो कि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी है.