पुलवामा हमलाः शहीदों की संख्या बढ़कर हुई 44, कैबिनेट की बैठक, राजनाथ जा रहे कश्मीर

सीआरपीएफ के वाहनों पर यह हमला उस वक्त हुआ, जब सेना के जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था. 

पुलवामा हमलाः शहीदों की संख्या बढ़कर हुई 44, कैबिनेट की बैठक, राजनाथ जा रहे कश्मीर
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नई दिल्ली: जम्मू- कश्मीर के अवंतीपोरा (Awantipora) के पास गोरीपोरा में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी आत्मघाती हमला (Suicidal Attack) हुआ है. यह हमला सीआरपीएफ (CRPF) के वाहन को निशाना बनाकर आईईडी ब्लास्ट (IED Blast) के जरिए किया गया. सीआरपीएफ के वाहनों पर यह हमला उस वक्त हुआ, जब सेना के जवानों का काफिला जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहा था. न्यूज एजेंसी Reuters के मुताबिक, अब तक इस हमले में 44 जवान शहीद हो गए हैं.

अवंतीपोरा में हुए आतंकी हमले की बड़ी बातें...

इस हमले के बाद अब आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक होनी है, जिसमें कोई अहम फैसला लिया जा सकता है. इसके अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी आज श्रीनगर दौरे पर जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह के अलावा आज घटनास्थल और सभी पहलूओं की जानकारी लेने के लिए NIA की टीम भी कश्मीर पहुंचने वाली है.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी आज श्रीनगर का दौरा करेंगे. जहां पर वह हमले की जानकारी लेंगे. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी जम्मू से श्रीनगर आ रहे हैं. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को ही हमले के बाद इसकी निंदा की थी और देश को आश्वासन दिया था कि इस हमले का बदला लिया जाएगा. 

हालातों की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने घाटी में इंटरनेट सेवा पर फिलहाल रोक लगा दी है.

इस काफिले में 78 वाहन शामिल थे, जिनमें 2500 सुरक्षाकर्मी सवार थे. आतंकियों ने इलाके में जवानों पर पहले गोलीबारी की और फिर उन पर कार के जरिये आईईडी ब्‍लास्‍ट किया. आतंकी हमला पुलवामा जिले के अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में हुआ.

सुरक्षा अधिकारी के मुताबि‍क जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों को निशाना बना कर किए गए आईईडी विस्फोट की जैश-ए-मोहम्मद ने जिम्मेदारी ली है. सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि ये एक आत्‍मघाती हमला है. इस आत्‍मघाती हमले को जैश के आतंकी आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया. हमले में 45 से ज्‍यादा जवान घायल हुए हैं.

हमला तब हुआ जब सीआरपीएफ का काफिला जम्‍मू से कश्‍मीर जा रहा था. काफिले में 70 वाहन थे. इसमें से एक बस को सबसे ज्‍यादा नुकसान उठाना पड़ा है. सेना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 2001-02 में आतंकियों ने इसी तरह के फियादिन हमले को अंजाम दिया था. 

सेना का कहना है कि सेना ने जिस तरह से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया है, उसमें उनकी बौखलाहट बढ़ गई है. इसी कारण उन्‍होंने आईएसआईएस की तर्ज पर ये हमला किया है.

जैश ने काफिले पर फिदायीन हमला करने वाले आतंकी आदिल ऊर्फ वकास का वीडियो जारी किया. वीडियो में दक्षिण कश्‍मीर के काकपोरा के रहने वाले वकास जैश के झंडे के आगे बैठा हुआ दिख रहा है. उसके सामने ग्रेनेड और अत्याधुनिक राइफल रखी हुई है. 

वीडियो की शुरुआत करते हुए वकास कह रहा है, 'जब तक यह वीडियो आप लोगों तक पहुंचेगा उस समय मैं जन्‍नत में मजे लूट रहा होऊंगा. मैंने जैश ए मोहम्‍मद में आतंकी के रूप में एक साल बिताया और यह मेरा कश्‍मीर के लोगों के लिए आखिरी मैसेज है.'