राम मंद‍िर मामले और राफेल पर कल सुप्रीम कोर्ट करेगा अहम सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट राफेल को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका पर 6 मार्च को सुनवाई करेगा.

राम मंद‍िर मामले और राफेल पर कल सुप्रीम कोर्ट करेगा अहम सुनवाई

नई दिल्‍ली: अयोध्या राम मंदिर विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मध्यस्थता के लिए भेजा जाए या नहीं इस पर कोर्ट 6 मार्च को सुनवाई करेगा. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस धनंजय वाई. चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट की पीठ को इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर कुल 16 अपीलों पर सुनवाई करनी है. इनमें तीन अपील मूल पक्षकार रामलला, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड हैं.

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ के इस विवादित स्थल को इस विवाद के तीनों पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और जिस जगह भगवान राम लला विराजमान हैं, के बीच बांटने का आदेश दिया था. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी पार्टियों को कहा था कि अगर इस मामलों आपसी सहमति से कोई हल निकल आए तो ज़्यादा बेहतर होगा, जिसके लिए सभी पक्ष तैयार हैं या नहीं, इसपर बुधवार को सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट राफेल को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका पर 6 मार्च को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने के सौदे की जांच के आदेश देने से इनकार कर दिया था. बता दें कि इससे पहले 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट राफेल डील मामले में रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई के लिए राजी हुआ था. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने फैसले में रिव्यू पिटिशन पर ओपन कोर्ट में सुनवाई का फैसला लिया है.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने दो रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई करते हुए ये फैसला लिया था. एक रिव्यू पिटिशन पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा,अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने और दूसरी आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने दाखिल की है. कोर्ट में दाखिल रिव्यू पिटिशन में में कहा गया है कि फैसला केंद्र सरकार के गलत दावों पर आधारित है.