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PM नरेंद्र मोदी के केदारनाथ धाम आने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा, टूटा रिकॉर्ड

पिछले साल तक आमतौर पर बद्रीनाथ धाम के मुकाबले एक चौथाई भक्त ही केदारनाथ धाम की यात्रा करने पहुंचते थे.

PM नरेंद्र मोदी के केदारनाथ धाम आने के बाद यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा, टूटा रिकॉर्ड
2013 की भीषण आपदा के बाद केदारघाटी पूरी तरह से तबाह हो गई थी. लेकिन आपदा के कार्यों को जिस तरह से किया गया उससे इस घाटी में एक बार फिर से जबरदस्त चहल-पहल शुरू हुई.

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ धाम आने के बाद यात्रा ने तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बद्रीनाथ धाम पहुंचने वाले दर्शनार्थियों के बराबर पहुंच चुकी है. इस साल अभी तक केदारनाथ धाम में यात्रा शुरू होने के बाद 6 लाख से ज्यादा भक्त दर्शन कर चुके हैं. प्रशासन की माने तो हर रोज लगभग 20 हजार श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं.

पिछले साल तक आमतौर पर बद्रीनाथ धाम के मुकाबले एक चौथाई भक्त ही केदारनाथ धाम की यात्रा करने पहुंचते थे. लेकिन पिछले 3 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से केदारनाथ धाम में आकर पूजा पाठ किया उससे केदारनाथ आने के लिए देश और विदेश के भक्तों में रुचि जगी और तमाम दुश्वारियां के बावजूद श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे. केदारनाथ धाम पहुंचने के लिए करीब 16 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पैदल चढ़नी होती है. हालांकि पिछले कुछ साल से हेलीकॉप्टर के जरिए और घोड़े खच्चर से केदारनाथ पहुंचना थोड़ा आसान हुआ है लेकिन फिर भी अधिकांश श्रद्धालु पैदल ही इस यात्रा को करते हैं. 

वहीं, बद्रीनाथ धाम तक सुगम सड़क उपलब्ध है और यहां रुकने के साधन भी केदारनाथ धाम से बेहतर हैं. प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि जून माह खत्म होते-होते 7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचेंगे. रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल कहते हैं कि हमने इस साल हर रोज 10 से 15 हज़ार यात्रियों के आने का अनुमान लगाया था. लेकिन जिस तरह से श्रद्धालु केदारनाथ धाम में पहुंचे हैं उससे और ज्यादा इंतजाम करने की आवश्यकता है. दूसरी तरफ उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि इस बार यात्रियों की संख्या बढ़ना अच्छा संकेत है. केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल से भी केदारनाथ धाम में कई कार्यो को कराने की मांग की गई है. 

2013 की भीषण आपदा के बाद केदारघाटी पूरी तरह से तबाह हो गई थी. लेकिन आपदा के कार्यों को जिस तरह से किया गया उससे इस घाटी में एक बार फिर से जबरदस्त चहल-पहल शुरू हुई. हेलीकॉप्टर सेवाओं की वजह से यात्रा एक बार फिर तेजी से चलने लगी. दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार बाबा केदार के दर्शनों के लिए आने से इस घाटी को देखने के लिए लोगों में ललक जगी. 

यही कारण है कि इस बार केदार धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बद्रीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बराबर पहुंच गई. हालांकि इस बार तीर्थ यात्रियों ने उत्तराखंड में भयंकर सड़क जाम का भी सामना किया. इसके बाद राज्य सरकार ने नए प्लान बनाकर यात्रा मार्गों को डायवर्ट किया. जिससे एक बार फिर यात्रा सुचारू रूप से चलने लगी. अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में शासन प्रशासन कैसे यात्रा को संभालता है.