Farmer Protest: सरकार के समर्थन में उतरे अक्षय कुमार, विदेश मंत्रालय ने लगाई मिया खलीफा की क्लास

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हस्तियों और अन्य द्वारा सोशल मीडिया पर हैशटैग और कमेंट्स को सनसनीखेज बनाने की ललक न तो सही होती है और न ही जिम्मेदाराना. 

Farmer Protest: सरकार के समर्थन में उतरे अक्षय कुमार, विदेश मंत्रालय ने लगाई मिया खलीफा की क्लास
फाइल फोटो.
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नई दिल्ली: देश भर में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने भी अपनी राय रखी है. अक्षय ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए किसान आंदोलन पर अपनी बात रखी है.

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अक्षय ने लिखा है, 'किसान हमारे देश का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. इसलिए सभी को एक साथ मिलकर समाधान के लिए समर्थन करें. किसी भी तरह का विभाजन पैदा करने वालों पर ध्यान देने की बजाय समाधान पर फोकस करें.'

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किसानों के समर्थन में उतरी ये विदेशी हस्तियां
दरअसल, कई विदेशी हस्तियों ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन पर सोशल मीडिया में अपनी-अपनी बात रखी थी. जिसमें अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना (Rihanna), पर्यावरणविद (Environmentalist) ग्रेटा थनबर्ग (Greta Thunberg) और मिया खलीफा (Mia Khalifa) जैसी हस्तियां शामिल हैं. इन सभी के कमेंट्स पर विदेश मंत्रालय ने जवाब देते हुए प्रॉपेगेंडा से बचने को कहा.

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विदेश मंत्रालय ने दिया ये जवाब
विदेश मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा, "मशहूर हस्तियों और अन्य द्वारा सोशल मीडिया पर हैशटैग और कमेट्स को सनसनीखेज बनाने की ललक न तो सही होती है और न ही जिम्मेदाराना. भारत की संसद ने पूरी डिबेट और डिस्कशन के बाद कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कानून पास किए थे. ये कानून किसानों को बड़ा बाजार मुहैया कराएंगे. उनके लिए अपनी फसल बेचना पहले से आसान होगा. ये कृषि कानून पारिस्थिति और आर्थिक रूप से स्थायी खेती का रास्ता साफ करते हैं. भारत के किसानों के एक छोटे से हिस्से के मन में इन कानूनों को लेकर कुछ संशय हैं.'

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एजेंडा थोपते हुए देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
विदेश मंत्रालय ने आगे लिखा कि भारत सरकार ने उनकी भावनाओं का ध्यान रखते हुए उनके प्रतिनिधियों के साथ कई बार वार्ताएं की. इस बातचीत में केंद्रीय मंत्री शामिल हुए और 11 दौर की वार्ताएं पहले भी हो चुकी हैं. यहां तक कि सरकार ने इन कानूनों को होल्ड करने का भी प्रस्ताव दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह प्रस्ताव दोहराया भी था. इन आंदोलनों पर कुछ स्वार्थी समूहों को अपना एजेंडा थोपते हुए देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है."

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इंटरनेशनल समुदाय से समर्थन पाने का किया प्रयास
विदेश मंत्रालय ने 26 जनवरी को हुई हिंसा का भी जिक्र किया. मंत्रालय ने कहा कि, 'यह 26 जनवरी, भारत के गणतंत्र दिवस के दिन भी देखा गया. जब भारत के संविधान लागू होने की वर्षगांठ वाले दिन भारत की राजधानी में हिंसा और बर्बरता की गई. इन स्वार्थी समूहों में से ही कुछ ने भारत के खिलाफ इंटरनेशनल समुदाय से समर्थन पाने का प्रयास किया.  जिनके उकसावे के कारण ही दुनिया के कई स्थानों पर महात्मा गांधी की प्रतिमा का भी अपमान किया गया. यह भारत और दुनिया के हर सभ्य समाज के लिए बेहद परेशान करने वाला था.'

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सेलिब्रिटीज़ का ऐसे मुद्दों पर बिना समझे बोलना गैर जिम्मेदाराना
इसके साथ ही मंत्रालय ने अपील करते हुए लिखा, "ऐसे मामलों में कोई भी टिप्पणी करने में जल्दबाजी करने से पहले तथ्यों को परखना चाहिए और उस मुद्दों के बारे में सही समझ बनायी जानी चाहिए. मशहूर हस्तियों और अन्य द्वारा सोशल मीडिया पर हैशटैग और कमेंट्स को सनसनीखेज बनाने की ललक न तो सही होती है और न ही जिम्मेदाराना".

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