ZEE जानकारी: ICJ में पाकिस्तान ने भारतीय पत्रकारों की खबरों को बना लिया हथियार

International Court of Justice में पाकिस्तान ने...भारत के इन्हीं डिज़ाइनर पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के 'झूठतंत्र' को कमांडर कुलभूषण जाधव के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया.

ZEE जानकारी: ICJ में पाकिस्तान ने भारतीय पत्रकारों की खबरों को बना लिया हथियार

एक ऐसे युद्ध की बात करनी ज़रुरी है, जो दुनिया की सबसे बड़ी अदालत में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा है. दुख की बात ये है, कि इस लड़ाई में भारत के सच्चे देशभक्त एक साथ खड़े हैं. जबकि, पाकिस्तान का एजेंडा चलाने वाले भारत के बुद्धिजीवी और डिज़ाइनर पत्रकार पाकिस्तान की टीम की तरफ से खेल रहे हैं. और International Court of Justice में पाकिस्तान ने...भारत के इन्हीं डिज़ाइनर पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के 'झूठतंत्र' को कमांडर कुलभूषण जाधव के खिलाफ अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया.

International Court of Justice में चल रहे युद्ध में भारत का मकसद है, पाकिस्तान की गिरफ्त में फंसे कुलभूषण जाधव की रिहाई. ICJ में हो रही सुनवाई का आज तीसरा दिन है. सुनवाई के पहले दिन भारत की तरफ से Counsel हरीश साल्वे
ने तमाम सबूतों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात कही. 

कल पाकिस्तान के वकील खावर कुरैशी का नंबर था. लेकिन उनकी बातों में सबूतों और तथ्यों की भारी कमी थी. और वो दुनिया की सबसे बड़ी अदालत में बेशर्मी से खड़े होकर तेज़ रफ्तार से एक के बाद एक झूठी दलीलें पेश कर रहे थे. कल हुई सुनवाई के दौरान एक वक्त तो ऐसा भी आया, जब ICJ के जजों के पैनल के अध्यक्ष ने खावर कुरैशी को टोक दिया. और कहा, कि जो भी कहना है, वो धीरे-धीरे कहें. 

सुनवाई के तीसरे दिन यानी आज ...ICJ में भारत की तरफ से बोलते हुए, हरीश साल्वे ने पाकिस्तान के एक-एक झूठ को Expose कर दिया. दूसरी भाषा में कहें, तो पाकिस्तान के वकील की झूठ बोलने की रफ्तार भले ही काफी तेज़ थी. लेकिन उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए, कि कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान के झूठ की पराजय और भारत के सत्य की विजय निश्चित है. 

हालांकि कुलभूषण जाधव को सुरक्षित पाकिस्तान से वापस ला पाना भारत के लिए इतना आसान नहीं होगा. इसकी वजह पाकिस्तान नहीं. बल्कि हमारे ही देश के डिज़ाइनर पत्रकार और बुद्धिजीवी हैं. आपने ध्यान दिया होगा, पिछले 48 घंटों से Social Media पर Hash Tag...देशद्रोही पत्रकार Trend कर रहा है. और ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि कल International Court of Justice में पाकिस्तान का पक्ष रखने वाले वकील खावर कुरैशी ने भारत के तीन बड़े पत्रकारों द्वारा लिखे गए लेखों को अपनी दलील का आधार बना लिया. सबसे पहले ये देखिए, कि ये तीन पत्रकार कौन हैं ?

खावर कुरैशी ने सबसे पहले भारतीय पत्रकार करन थापर का नाम लिया. 

फिर उन्होंने, एक दूसरे भारतीय पत्रकार प्रवीण स्वामी का ज़िक्र किया.

और अंत में उन्होंने चंदन नंदी नामक भारतीय पत्रकार का ज़िक्र किया. 

अब ये देखिए, कि इन तीनों पत्रकारों का नाम लेते हुए ICJ में खावर कुरैशी ने कौन से सबूत पेश किए ? 

21 अप्रैल 2017 को करन थापर ने एक अंग्रेज़ी अखबार में एक लेख लिखा था. जिसका शीर्षक था, 
The mysterious Mr Jadhav....इस लेख में भारत के विदेश मंत्रालय को कटघरे में खड़ा किया गया था. कुलभूषण जाधव के दो अलग पासपोर्ट्स होने पर सवाल उठाया गया था. खावर कुरैशी ने इसी लेख का ज़िक्र करते हुए ICJ में कहा, कि खुद भारत के पत्रकार कह चुके हैं, कि कुलभूषण जाधव के मामले में सवाल ज़्यादा हैं. जवाब कम हैं. और इसी लेख का हवाला देते हुए, कुरैशी ने कमांडर जाधव के दो पासपोर्ट्स का मुद्दा भी ICJ में उठा दिया. जबकि सच्चाई ये है, कि जिस दूसरे पासपोर्ट की बात हो रही है, वो नकली है. और कुलभूषण जाधव को फंसाने के लिए पाकिस्तान ने वो पासपोर्ट खुद बनाया है. 

खावर कुरैशी ने पाकिस्तान का पक्ष रखने के दौरान भारत के पत्रकार प्रवीण स्वामी का भी ज़िक्र किया.

इस पत्रकार ने फरवरी 2018 में Frontline Magzine के लिए एक लेख छापा था. जिसमें दावा किया गया था, कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में भारत के जासूस थे. और भारत के लिए इस बात से इंकार करना असंभव होगा. इसके अलावा इस लेख में इस बात की भी पुष्टि कर दी गई थी, कि कमांडर जाधव पाकिस्तान में किसी बड़े हमले के मिशन पर थे. इस लेख में कई ऐसी बातें लिखी हुईं थीं, जो कमांडर जाधव के खिलाफ थीं. और खावर कुरैशी ने इस लेख को भी सबूत के तौर पर ICJ में पेश कर
दिया.

तीसरे और आखिरी सबूत के तौर पर खावर कुरैशी ने जनवरी 2018 में The Quint नामक News Portal पर लिखे गए लेख का सहारा लिया. इस लेख को लिखने वाले पत्रकार का नाम था, चंदन नंदी.

एक अंग्रेज़ी News Portal ने एक ख़बर छापी थी, जिसमें दावा किया गया था कि कुलभूषण जाधव एक भारतीय जासूस हैं. इसकी पुष्टि करने के लिए रिपोर्ट में Raw के विश्वसनीय सूत्रों का ज़िक्र किया गया था. और ये लिखा गया, कि इन्हीं सूत्रों ने News Portal को बताया कि कुलभूषण जाधव भारतीय जासूस हैं. रिपोर्टर ने दावा किया था, कि कुलभूषण जाधव ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और साथियों के साथ संपर्क साधने में लापरवाही बरती. जिसके बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI उनकी Location पता करने में कामयाब रही. और इस तरह वो पकड़े गए. हालांकि, उस वक्त इस ख़बर पर विवाद बढ़ने के बाद News Portal ने ये ख़बर... हटा दी थी. और कहा था कि वो इस ख़बर के कुछ तथ्यों की फिर से जांच कर रहे हैं.

उस वक्त पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने भी इस ख़बर को Portal से हटवा दिए जाने को मुद्दा बनाकर Tweet किया था. जबकि हकीकत ये थी, कि News Portal ने ये ख़बर तथ्यों की दोबारा जांच करने के लिए खुद ही हटाई थी.

ये तीनों ही लेख और इन्हें लिखने वाले पत्रकारों ने एक प्रकार से कुलभूषण जाधव के मामले पर भारत का पक्ष कमज़ोर कर दिया था. 
गलत ख़बरें दिखाकर या छापकर इन लोगों ने ना सिर्फ भारत की छवि को ठेस पहुंचाई. बल्कि भारत के एक नागरिक की सुरक्षा और देश की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा कर दिया. जब ये तीनों लेख छापे गए, उस वक्त भी पाकिस्तान ने इन्हें हाथों हाथ लिया था. पाकिस्तान बहुत खुश था...क्योंकि, उसे कुछ करने की ज़रुरत नहीं पड़ी. और भारत के ही कुछ पत्रकारों ने कुलभूषण जाधव के खिलाफ एजेंडा चलाना शुरु कर दिया. और अब इन्हीं भारतीय पत्रकारों द्वारा लिखे गए अर्धसत्य को, International Court of Justice में पाकिस्तान सबसे बड़ा सत्य साबित करने में जुटा हुआ है.

अभी आपने जिस खावर कुरैशी को भारत के डिज़ाइनर पत्रकारों के फर्ज़ी सबूतों पर झूठ का प्रचार करते सुना. आज उसी खावर कुरैशी और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों को icj में भारत के वकील हरीश साल्वे ने शालीनता और मर्यादा में रहकर अपनी बात कहने का पाठ पढ़ाया है. अब से थोड़ी देर पहले हरीश साल्वे ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में पाकिस्तान के वकील द्वारा भारत के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर कड़े शब्दों में आपत्ति जताई है. उन्होंने क्या कहा है...अब आप ये सुनिए.

अब इसी ख़बर से जुड़ा हुआ एक विरोधाभास देखिए. International Court of Justice में पाकिस्तान के वकील ने भारत के तीन पत्रकारों द्वारा लिखे गए लेख को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर लिया. जबकि दूसरी तरफ, पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद दुनिया के अलग-अलग देश कंधे से कंधा मिलाकर भारत के साथ खड़े हैं. और पाकिस्तान को चेतावनी दे रहे हैं. पुलवामा हमले के बाद भारत ने जिस प्रकार आक्रामक कूटनीति बनाई है, आप इसे उसका बड़ा असर भी कह सकते हैं. आज हमारे पास अमेरिका से लेकर Russia और फ्रांस से लेकर इज़राएल तक....... सभी देशों की तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं. इन्हें देखना और सुनना आप सभी के लिए ज़रुरी है. लेकिन उससे पहले ये देखिए, कि भारत के कूटनीतिक हमले से पाकिस्तान में किस प्रकार का भूकंप आया हुआ है. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने आज एक बहुत बड़ा बयान दिया है. ये बयान ना सिर्फ पाकिस्तान को Expose कर रहा है. बल्कि ये साबित कर रहा है, कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है.