ZEE जानकारी: एक चुटकी नमक बदल सकता है आपका जीवन

आज से 89 साल पहले, देश में नमक सत्याग्रह के जरिये नमक का कानून तोड़ा गया था. वो कानून अंग्रेजों का बनाया हुआ था, जिसकी वजह से नमक हमारे देश के लोगों के लिए महंगा पड़ रहा था. 

ZEE जानकारी: एक चुटकी नमक बदल सकता है आपका जीवन

आज से 89 साल पहले, देश में नमक सत्याग्रह के जरिये नमक का कानून तोड़ा गया था. वो कानून अंग्रेजों का बनाया हुआ था, जिसकी वजह से नमक हमारे देश के लोगों के लिए महंगा पड़ रहा था . हम आज नमक का, एक और कानून तोड़ेंगे. क्योंकि नमक आज भी हमारे लिए काफी महंगा साबित हो रहा है. और इस बार नमक का कानून तोड़ने के लिए आपको अंग्रेज़ों से नहीं, बल्कि खुद से अ-सहयोग करना होगा, क्योंकि नमक का ये कानून हमारा और आपका, खुद का बनाया हुआ है . आज हम बेहतर स्वास्थ्य के लिए नमक सत्याग्रह की शुरुआत करना चाहते हैं और आपसे भी अपील है कि इसमें पूरे परिवार के साथ शामिल हों.

लेकिन ध्यान रहे, हमारा आज का विश्लेषण खास तौर पर आपके परिवार के उन लोगों के लिए है, जिन्होंने आज ज्यादा कुछ नहीं खाया. बस एक चिप्स के पैकेट से काम चला लिया. अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो दिन भर में बस एक पिज्जा, या एक बर्गर या सिर्फ एक कप नूडल्स से पेट भर लेते हैं. और ये दावा करते हैं कि. आप कुछ खाते ही नहीं. तो आज़ाद भारत के इस 'नमक सत्याग्रह' में आपका बहुत-बहुत स्वागत है.

गैर-सरकारी संस्था...CSE...यानी Centre for Science and Environment की एक नई लैब स्टडी बताती है कि बाजार में बिकने वाले Junk Food में नमक की मात्रा तय सीमा से कहीं ज्यादा है. इस संस्था ने कुछ मशहूर Brands के पिज्जा, बर्गर, सैंडविच, चिप्स और instant noodles के सैंपल लेने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की है.

जिसमें दावा किया गया है कि खाने-पीने की इन चीज़ों में नमक ज़रूरत से ज्यादा...या ख़तरनाक स्तर पर था . ध्यान देने की बात ये है कि World Health Organisation एक सेहतमंद इंसान को रोज़ाना सिर्फ 5 ग्राम नमक खाने की सलाह देता है.

CSE ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि...जैसे शाकाहारी और मांसाहारी खाने के पैकेट पर हरे या लाल रंग का निशान लगाया जाता है, वैसे ही नमक की मात्रा ज्यादा होने पर भी पैकेट पर warning label...या चेतावनी के निशान लगाए जाने चाहिए .

लेकिन अफसोस की बात ये है कि हमारे देश के लोग कभी ये ज़रूरी नहीं समझते कि...खान-पान की अपनी आदतों में सुधार लाएं . खाते-पीते घर का दिखना आज भी लोग शान की बात समझते हैं . इससे साबित होता है कि भारत लापरवाह और आलसी लोगों का देश बनता जा रहा है.

हमारे देश की 62 फीसदी आबादी दिन में 1 बार बाहर खाना जरुर खाती है ...51 प्रतिशत लोग या तो शाम को नाश्ता नहीं करते या उसकी जगह Junk Food खाते हैं . इसी तरह 25 प्रतिशत लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं . जबकि 22 प्रतिशत लोग रात का खाना 10 बजे के बाद खाते हैं . ये सारी आदतें सेहत के लिए अच्छी नहीं हैं. इन्हीं आदतों का नतीजा है कि एक सर्वे के मुताबिक 57 प्रतिशत भारतीय Overweight हैं...यानी उनका वज़न ज्यादा है.  

आज आपकी सेहत का ख्याल रखते हुए हमने एक चुटकी नमक की कीमत समझाने की कोशिश की है . ताकि कल आप ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक नमक के एक-एक कण का हिसाब रखें . WHO की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 74 प्रतिशत teenagers व्यायाम से दूर रहते हैं . डॉक्टरों की सलाह है कि बच्चों को हर रोज 1 घंटा व्यायाम करना चाहिए, लेकिन 4 में से सिर्फ एक बच्चा इसके लिए समय निकालता है.

यानी आज के बच्चे, कल जब बड़े होंगे तो एक बीमार देश बनाएंगे. भारत में डायबिटीज़ के मरीज़ों की संख्या 6 करोड़ से ज्यादा है. इस बीमारी से हर साल 10 लाख लोगों की मौत होती है और डायबिटीज़ के मामले में भारत विश्व में दूसरे नंबर पर है. जबकि पहले नंबर पर चीन है. इसी तरह भारत में दिल की बीमारियों के 4 करोड़ मरीज़ हैं. और इनसे हर साल करीब 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है.

जिस तरह आपके स्वास्थ्य के लिए अत्याधिक नमक अच्छा नहीं है..उसी तरह देश के स्वास्थ्य के लिए अफवाहें भी नुकसानदायक होती हैं ..इसलिए अपने भोजन में नमक और सोशल मीडिया पर अफवाहों की मात्रा को लेकर बहुत सतर्क रहें.