ZEE जानकारी: जानिए, आखिर क्यों सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को बनाया गया CDS?

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत आज देश के पहले Chief of Defence Staff यानी CDS बन गए हैं. जनरल रावत कल सेनाध्यक्ष पद से रिटायर होंगे और कल से ही वो CDS पद की जिम्मेदारी संभालेंगे.

ZEE जानकारी: जानिए, आखिर क्यों सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को बनाया गया CDS?

अब देश की सेना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत आज देश के पहले Chief of Defence Staff यानी CDS बन गए हैं. जनरल रावत कल सेनाध्यक्ष पद से रिटायर होंगे और कल से ही वो CDS पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी तीनों सेनाओं और सरकार के बीच तालमेल बनाए रखना है. आप इसे नए साल की शुरुआत से पहले देश की तीनों सेनाओं को मिला Happy New Year गिफ्ट भी कह सकते हैं. इसलिए आज हम जनरल रावत को देश की सैनिक व्यवस्था का सबसे बड़ा सलाहकार बनाए जाने का एक संक्षिप्त विश्लेषण करेंगे.

आज पूरी दुनिया में Army, Air Force, Navy और Cyber Space की सेनाएं एक साथ मिलकर काम कर रही हैं. अमेरिका से लेकर चीन तक अपनी सेनाओं को शक्तिशाली बनाने के लिए एक नेतृत्व में ला रहे हैं. ताकि युद्ध के हालात में इन सेनाओं का आपसी तालमेल सर्वश्रेष्ठ रहे. ऐसा तभी हो सकता है जब रक्षा मंत्रालय के सभी अंग मिलकर एक रणनीति का पालन करें. और यही काम CDS की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी.

हमारे देश में तीन सेनाएं हैं. Army, Air Force और Navy और इन तीनों सेनाओं का एक-एक सेना प्रमुख होता है. ये तीनों सेना प्रमुख रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत काम करते हैं. नई व्यवस्था में रक्षा मंत्रालय में Department of Military Affairs नामक एक नया विभाग बनाया जाएगा. और इस विभाग का नेतृत्व CDS करेंगे . CDS की दूसरी जिम्मेदारी तीनों सेनाओं के बीच मजबूत तालमेल बनाए रखना होगा.

इस समय Army के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत हैं, Air Force के प्रमुख. एयर चीफ मार्शल RKS भदौरिया और Navy के चीफ. एडमिरल करमबीर सिंह हैं. ये तीनों सेना प्रमुख. CDS बनने योग्य थे. लेकिन सरकार ने जनरल रावत को इस पद के लिए चुना है. इसलिए अब समझिए कि जनरल बिपिन रावत को ही CDS क्यों बनाया गया है?

एक सेनाध्यक्ष की जिम्मेदारी होती है सेना का मनोबल बनाए रखना. ताकी सीमाओं को सुरक्षित रखा जा सके. सेनाध्यक्ष को सरकार के साथ तालमेल बना कर काम करना पड़ता है . पिछले 3 वर्षों में जनरल रावत ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है. पिछले तीन वर्षों में पाकिस्तान के आतंकवादियों को भारी नुक्सान झेलना पड़ा है. और यही वजह है कि देश में शांति बनी रही है.

इसी वर्ष फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था. इस हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना के Fighter Jets ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी अड्डों पर हवाई हमला किया था. तब इस हमले में 250 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था.

इसी तरह जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जनरल बिपिन रावत ने सीमाओं से घुसपैठ पर रोक लगाई. यही वजह है कि पूरी कोशिश करने के बाद भी पाकिस्तान अबतक कश्मीर घाटी में कोई गड़बड़ी नहीं कर पाया है. ये भारतीय सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता है.

वर्ष 2016 से अबतक पाकिस्तान पर दो बार Surgical Strikes हुई हैं. और हज़ारों बार सेना ने पाकिस्तान की घुसपैठ की साज़िश को फेल किया है. सीमा पर मौजूद पाकिस्तान के आतंकी अड्डों पर भारतीय सेना ने लगातार हमले किए हैं. भारतीय सेना के मुताबिक ऐसा उन इलाकों में किया गया जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान आतंकवादियों को भारत भेजने के लिए कर रहा था. इसका फायदा ये हुआ है कि पाकिस्तान पर लगातार एक मनोवैज्ञानिक दबाव बना रहा है. और वो भारत के खिलाफ कोई नया हमला नहीं कर पाया है.

सेना प्रमुख के रूप में जनरल बिपिन रावत का सरकार के साथ जबरदस्त तालमेल रहा है. और इसी बात का उन्हें फायदा मिला है. अपने 3 वर्षों के कार्यकाल में जनरल बिपिन रावत की छवि एक ऐसे Leader की बनी. जिन्होंने ना सिर्फ सैन्य मोर्चे पर बल्कि देशहित से जुड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम किया. जनरल बिपिन रावत उस वक्त भी सरकार के साथ खड़े रहे जब मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का साहसिक फैसला लिया और वो नागरिकता संशोधन कानून पर भी सरकार के साथ हैं.

इसी वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से CDS बनाने की घोषणा की थी. इसके बाद 24 दिसंबर को कैबिनेट ने CDS की भूमिका और अधिकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था. और आज देश के पहले CDS की नियुक्ति हो गई है . सरकार के नए नियम के मुताबिक CDS... 65 वर्ष की उम्र तक अपने पद पर बने रह सकते हैं. अभी जनरल बिपिन रावत 61 वर्ष के हैं . यानी वर्ष 2023 तक General Rawat CDS बने रह सकते हैं.