Advertisement
trendingNow1489410

मुद्दे को तूल ना दें, दो MLA के जाने से कुमारस्वामी सरकार को नहीं है कोई खतरा: एचडी देवेगौड़ा

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा ने कहा, 'दो विधायकों की समर्थन वापसी से सरकार को कोई खतरा नहीं है. दोनों निर्दलीय हैं. इसे ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है, मीडिया बेकार में इसे तूल दे रही है.' 

एचडी देवगौड़ा ने कहा है कि दो विधायकों की समर्थन वापसी से कुमारस्वामी सरकार को कोई खतरा नहीं है.
एचडी देवगौड़ा ने कहा है कि दो विधायकों की समर्थन वापसी से कुमारस्वामी सरकार को कोई खतरा नहीं है.

बेंगलुरू: कर्नाटक में सात माह पुरानी एच डी कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को झटका देते हुए दो निर्दलीय विधायकों ने मंगलवार को अपना समर्थन वापस ले लिया. दोनों विधायकों ने यह कदम सत्तारूढ़ गठबंधन और बीजेपी की ओर से एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाने के बीच उठाया है. एच नागेश (निर्दलीय) और आर शंकर (केपीजेपी) ने राज्यपाल वजुभाईवाला को पत्र लिख कर तत्काल प्रभाव से समर्थन वापस लेने के अपने फैसले से अवगत कराया है. 

इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा ने कहा, 'दो विधायकों की समर्थन वापसी से सरकार को कोई खतरा नहीं है. दोनों निर्दलीय हैं. इसे ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है, मीडिया बेकार में इसे तूल दे रही है.' 

मालूम हो कि फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए इन विधायकों ने अपने-अपने पत्र में राज्यपाल से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है. इससे राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या घटकर 118 हो जाएगी. हालांकि, सरकार को अब भी कोई खतरा नहीं है.

Add Zee News as a Preferred Source

fallback

सीएम कुमारस्वामी बोले-सरकार को कोई खतरा नहीं
इससे बेपरवाह कांग्रेस और जद (एस) शीर्ष नेतृत्व ने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है. इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी सरकार स्थिर है और ‘वह पूरी तरह निश्चिंत हैं.’ नागेश और शंकर ने यह कदम सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा खरीद-फरोख्त किये जाने के डर से भाजपा के 104 विधायकों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास हरियाणा के नूह जिले में एक रिसॉर्ट में ठहराए जाने की खबरों के बीच उठाया. हाल में मंत्रिपरिषद में हुए फेरबदल में शंकर को मंत्री पद से हटा दिया गया था, जबकि नागेश मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज थे.

मई 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया के दौरान शंकर ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी, लेकिन आखिरी वक्त में कांग्रेस का समर्थन करने की घोषणा की थी. कांग्रेस के पूर्व सदस्य नागेश ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी. इस घटनाक्रम से तनिक भी परेशान नहीं दिखने की कोशिश करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, ‘मैं अपनी ताकत को जानता हूं. मेरी सरकार स्थिर है. चिंता मत करिए.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे कन्नड़ (टीवी) चैनलों में पिछले एक हफ्ते से जो कुछ भी दिखाया जा रहा है, मैं उसका लुत्फ उठा रहा हूं.’

जदएस नेता ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘क्या होने जा रहा है? यदि दो निर्दलीय (विधायक) समर्थन करने (भाजपा को) की घोषणा भी कर दें तो क्या संख्या होगी? मैं पूरी तरह से निश्चिंत हूं.’ इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर, वरिष्ठ मंत्री डी के शिवकुमार, गृह मंत्री एम बी पाटिल और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मीडिया इस ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर बेवजह शोर मचा रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘सरकार को कोई खतरा नहीं है. मैं सरकार को खतरा होने के बारे में समाचार चैनलों पर धारावाहिक की तरह दिखाए जाने वाले कार्यक्रमों का आनंद लेता हूं.’ पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने भी कहा कि उनके बेटे के नेतृत्व वाली सरकार को कुछ भी नहीं होगा. उन्होंने कहा, ‘यह मीडिया समेत किसी के भी हाथ में नहीं है.’ उन्होंने कहा कि आप कितना भी शोर मचा लें, कुछ भी नहीं होगा क्योंकि यह ईश्वर के हाथ में है. उन्होंने कहा, ‘जब एक पार्टी (जदएस) के 38 विधायकों को एक राष्ट्रीय पार्टी (कांग्रेस) का आशीर्वाद प्राप्त है, ऐसे में सब ईश्वर की इच्छा पर निर्भर है.’ 

देवगौड़ा ने भाजपा की ओर से सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों को 60 करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश किये जाने के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि ‘क्या यह अच्छा लगता है कि एक राष्ट्रीय पार्टी (भाजपा) अपने 104 विधायकों को सुरक्षित स्थान पर रखे हुए है? मैं अमित शाह के बारे में बात नहीं कर रहा, बल्कि मोदी के बारे में कह रहा हूं जो दिन भर ढेर सारी बातें करते हैं.’

इस बीच, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने दो विधायकों की समर्थन वापसी के बाद कर्नाटक की एच डी कुमारस्वामी सरकार के सामने किसी खतरे की आशंका को मंगलवार को खारिज किया और कहा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त की भाजपा की ‘‘घिनौनी और गलीज’’ कोशिशों के बावजूद गठबंधन सरकार बनी रहेगी.

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा दल बदल करने के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के विधायकों को ‘ढेर सारी चीजों की पेशकश कर रही है. कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘हमें यकीन है कि कुमारस्वामी सरकार बनी रहेगी. वे हमारे विधायकों को ढेर सारी चीजों की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन हमें पूरा यकीन है.’ वेणुगोपाल ने कहा, ‘हम अपने सभी विधायकों के साथ संपर्क में हैं. हमारे लोग हमारे साथ हैं. हमारी सरकार बनी रहेगी.’ पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस ने ताजा घटनाक्रम पर विचार करने के लिये बुधवार को अपने सभी विधायकों की बैठक बुलाई है.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार तथा शोभा करंदलाजे जैसे वरिष्ठ नेताओं समेत पार्टी के 104 विधायक सोमवार से ही हरियाणा के नूह जिले के हसनपुर तौरू में आईटीसी ग्रैंड भारत रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं. सूत्रों ने बताया कि भाजपा विधायकों को रिसॉर्ट में इसलिये ठहराया गया है ताकि कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन की ओर से खरीद-फरोख्त की कोशिशों से उन्हें बचाया जा सके. शेट्टार ने कहा, ‘हम रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं. हमें नहीं पता कि हम कितने समय तक यहां रुकेंगे.’ 

येदियुरप्पा ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया है कि कर्नाटक सरकार को गिराने के लिये भाजपा ‘ऑपरेशन लोटस’ का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है और कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन विपक्षी विधायकों को लुभाने की कोशिश कर रहा है. राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 104, कांग्रेस के 79, जद (एस) के 37, बसपा, केपीजेपी के एक-एक और एक निर्दलीय विधायक के अतिरिक्त विधानसभा अध्यक्ष हैं.

ये भी देखे

About the Author
author img
Zee News Desk

Zee News Desk, रिपोर्टिंग और डेस्क टीम का एक मजबूत हिस्सा है, जो आपके लिए विश्‍वसनीय खबरें पेश करता है.  

...और पढ़ें

TAGS

Trending news