PM मोदी के खिलाफ अतीक अहमद ठोकेगा ताल, पत्‍नी ने कहा, वाराणसी से होंगे निर्दलीय उम्‍मीदवार

लोकसभा चुनाव 2019 में वाराणसी का मुकाबला दिलचस्‍प हो चला है. जेल में बंद गैंगस्‍टर अतीक अहमद अब निर्दलय उम्‍मीदवार के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रहा है.

PM मोदी के खिलाफ अतीक अहमद ठोकेगा ताल, पत्‍नी ने कहा, वाराणसी से होंगे निर्दलीय उम्‍मीदवार

प्रयागराज: जेल में बंद अतीक अहमद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे. वाराणसी में प्रधानमंत्री के खिलाफ अभी कांग्रेस ने अजय राय और महागठबंधन ने शालिनी यादव को मैदान में उतारा है. अब अतीक अहमद के चुनाव लड़ने की घोषणा से मुकाबला चतुष्‍कोणीय होगा. अतीक अहमद अभी जेल में बंद है. उनकी पत्‍नी ने उनके चुनाव लड़ने की घोषणा की है. अतीक अहमद वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ निर्दलीय उम्‍मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगे.

इससे पहले खबरें आई थीं कि अतीक अहमद को शिवपाल की पार्टी ने वाराणसी से टिकट दिया है, लेकि‍न बाद में पार्टी ने इस बात का खंडन कर दिया. अब अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी है कि वह निर्दलीय उम्‍मीदवार के तौर पर मैदान में होंगे.  

अतीक अहमद वाराणसी से अपना नामांकन आख़िरी दिन दाख़िल करेंगे. नामांकन के लिए प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतीक के वक़ील औऱ ख़ास लोग वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं. अतीक अहमद की ओर से चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस ने सहयोग की मांग भी की गई है.  

मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ लड़ा था चुनाव
जेल में बंद अतीक अहमद ने चुनाव प्रचार के लिए 3 हफ्ते की पैरोल भी मांगी है. पेरोल मिलने या नहीं मिलने पर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा.  अतीक अहमद इससे पहले भी वाराणसी से चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि 2009 में उनका मुकाबला बीजेपी डॉ. मुरली मनोहर जोशी के साथ था. उस चुनाव में डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने अतीक अहमद को मात दी थी.

2014 में श्रावस्‍ती से अजमाई किस्‍मत
2014 के चुनाव में अतीक अहमद ने श्रावस्‍ती से चुनाव लड़ा था, उस समय उन्‍हें बीजेपी के दद्दन मिश्रा ने हराया था. अतीक अहमद उस समय चर्चा में आया था जब उसने जेल में बैठे-बैठे एक बिजनेसमैन का अपहरण करा लिया था. इसके बाद उसे यूपी से गुजरात की जेल में शिफ्ट करने की योजना है.

अतीक अहमद के खिलाफ 1979 से 2019 के दौरान 102 मामले दर्ज हुए. इनमें हत्या के 17, उप्र गैंगस्टर कानून के तहत 12, शस्त्र अधिनियम के तहत आठ और उप्र गुण्डा कानून के तहत चार मामले भी शामिल हैं. पांच बार विधायक और एक बार सांसद रहे अतीक अहमद 11 फरवरी, 2017 से जेल में बंद है.