कीर्ति आजाद थामेंगे कांग्रेस का हाथ, 2015 में बीजेपी ने कर दिया था निलंबित

कीर्ति आजाद ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1993 में दिल्ली की गोल मार्केट विधानसभा सीट से की थी. 

कीर्ति आजाद थामेंगे कांग्रेस का हाथ, 2015 में बीजेपी ने कर दिया था निलंबित
कांग्रेस ज्वाइन करेंगे कीर्ति आजाद. (फाइल फोटो)

धीरज ठाकुर, पटना/दरभंगा : वर्षों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद कांग्रेस का दामन थामेंगे. 15 फरवरी को वह दिल्ली में पार्टी की सदस्यता लेंगे. उन्होंने मोदी सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा था और कहा था कि डीडीसीए में जिस वक्त घोटाला हुआ उस वक्त अध्यक्ष अरुण जेटली थे. उन्हें 2015 में ही पार्टी ने निलंबित कर दिया था.

कीर्ति आजाद ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1993 में दिल्ली की गोल मार्केट विधानसभा सीट से की. इस चुनाव में उन्हें जीत मिली और वह विधायक बने. 1993 से 1998 तक वे दिल्‍ली विधानसभा के सदस्‍य रहे. वर्ष 1999 में उन्हें दरभंगा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया और वह सांसद बनने में सफल रहे. 

हालाकि अगले ही चुनाव में उन्होंने हार का समाना करना पड़ा. राष्ट्रीय जनता दल उम्मीदवार अली अशरफ फातमी ने इस चुनाव में उनसे 1999 की हार का बदला लिया. बीजेपी ने 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्हें दरभंगा सीट से उम्मीदवार बनाया. दोनों ही बार वह चुनाव जीतने में सफल रहे. लेकिन 2015 में ही उन्हें बीजेपी से निलंबित कर दिया. इसके बाद से वह लगातार पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए हुए थे. वह खुद कई मौकों पर कांग्रेस पार्टी जाने का संकेत दे चुके थे.

हाल ही में उन्होंने बीजेपी पर भड़ास निकालते हुए कहा था कि 2019 में बीजेपी की सरकार नहीं बन पाएगी. बीजेपी की स्थिति खराब हो गई है. उन्होंने जनता के लिए कोई काम नहीं करने का आरोप लगाया है. कीर्ति आजाद ने शत्रुघ्न सिन्हा की भी तारीफ की थी. साथ ही कहा था कि वह जो कर रहे हैं सही है. उन्होंने कहा था कि शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से चुनाव लड़ेंगे.

अगर 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो लगभग 15 लाख मतदाताओं वाली दरभंगा सीट पर कुल 828342 वोट पड़े थे. इस चुनाव में दरभंगा से कुल 15 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे थे. कीर्ति आजाद 314949 मतों के साथ तीसरी बार सांसद बनने में सफल रहे. वहीं, आरजेडी उम्मीदवार अली अशरफ फातमी को 279906 और जेडीयू उम्मीदवार संजय झा को 104464 वोट मिले थे.