भारत में लोकतंत्र का महापर्व देखने की चाह रखने वाले विदेशियों के लिए ‘चुनाव पर्यटन’

पर्यटन उद्योग के सूत्रों ने बताया कि दुनियाभर के करीब 1,800 पर्यटकों ने इस पहल के तहत गुजरात में 2014 के लोकसभा चुनाव का अनुभव किया था. 

भारत में लोकतंत्र का महापर्व देखने की चाह रखने वाले विदेशियों के लिए ‘चुनाव पर्यटन’
गुजरात टूरिज्म डेवलेपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने यह जानकारी दी.

अहमदाबाद: देश में चुनावी बुखार चढ़ने के साथ ही गुजरात में टूर ऑपरेटर राज्य में प्रचार अभियान के दौरान लोकसभा चुनाव से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का अनुभव करने की इच्छा रखने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज लेकर आए हैं.  राज्य में करीब 20 टूर ऑपरेटर राजनीतिक रैलियों में भाग लेने से लेकर उम्मीदवारों से मुलाकात करने तक विदेश पर्यटकों को ‘इलेक्शन टूरिज्म’ नाम की अनूठी पहल के तहत पैकेज मुहैया कराएंगे. 

पर्यटन उद्योग के सूत्रों ने बताया कि दुनियाभर के करीब 1,800 पर्यटकों ने इस पहल के तहत गुजरात में 2014 के लोकसभा चुनाव का अनुभव किया था. इस साल यह संख्या 2,500 के पार होने की संभावना है. 

टूर ऑपरेटरों के एक संगठन गुजरात टूरिज्म डेवलेपमेंट सोसायटी (जीटीडीएस) के अध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि 2014 में राज्य आने वाले पर्यटकों में मुख्यत: छात्र, शोधकर्ता, मीडिया पेशेवर, राजनीतिक विश्लेषक और वे लोग शामिल थे जो यह समझना चाहते थे कि भारत में इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कैसे होते हैं.

शर्मा ने कहा, ‘‘2014 लोकसभा चुनाव में करीब 1,800 विदेशी पर्यटक गुजरात आए. ये पर्यटक ज्यादातर जापान, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के थे. टूर ऑपरेटर उन्हें बाइक रैलियां और जनसभाओं जैसे विभिन्न चुनाव संबंधित कार्यक्रम दिखाने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में लेकर गए.’’  गुजरात में चुनाव पर्यटक की अवधारणा सबसे पहले 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान पेश की गई थी.