close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

कीर्ति आजाद की बढ़ रही हैं मुश्किलें, धनबाद में कार्यकर्ता दिखा रहे हैं काले झंडे

कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद को धनबाद में प्रचार के दौरान काले झंडे दिखाए गए हैं.

कीर्ति आजाद की बढ़ रही हैं मुश्किलें, धनबाद में कार्यकर्ता दिखा रहे हैं काले झंडे
कीर्ति आजाद को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काला झंडा दिखाया है.

धनबादः कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी कीर्ति आजाद की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. पहले पार्टी ने उनके टिकट को कंन्फर्म करने में देरी की और अब उन्हें ऐसी सीट दी गई है, जहां उन्हें लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है. पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा ही कीर्ति आजाद का विरोध करना उनके लिए काफी मुश्किलें खड़े कर रहे हैं.

कीर्ति आजाद ने पहले दरभंगा सीट से चुनाव लड़ने का दावा किया था. लेकिन उन्हें बिहार के बाहर झारखंड में धनबाद लोकसभा सीट का टिकट दिया गया है. अपने संसदीय क्षेत्र को छोड़कर दूसरे राज्य में नए सीट से चुनाव लड़ना कीर्ति आजाद के लिए पहले ही मुश्किल थी, लेकिन पार्टी के अंदर ही उनका विरोध अब उनके लिए परेशानी बनते जा रहा है. उन्हें प्रचार के दौरान काले झंडे तक दिखाए जा रहे हैं.

हालांकि कीर्ति आजाद का कहना है कि काला झंडा दिखाने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं है. बल्कि बीजेपी के लोगों की साजिश है. उन्होंने कहा कि बीजेपी उम्मीदवार का डर साफ दिख रहा है, इसलिए वह मुझे काले झंडे दिखवा रही है. वहीं, काले झंडे दिखाने वालों में से 6 कार्यकर्ताओं को कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया है.

कीर्ति आजाद के उम्मीदवारी को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता काफी नाराज हैं. अब उन्होंने आजाद के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि वह बाहर के लोगों का समर्थन नहीं करेंगे. धनबाद सीट से ददई दुबे उनके नेता थे, इसलिए पार्टी को ददई दुबे को टिकट देना चाहिए.

वहीं, टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेता चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ने कहा है कि वह कीर्ति आजाद के लिए प्रचार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि काले झंडे दिखाने वाले लोगों को मेरा समर्थक बताया गया. अब अगर वह चुनाव हारते हैं तो इसका ठिकरा भी मुझपर फोड़ा जाएगा. इसलिए वह चुनाव प्रचार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता नाराज हैं इसलिए सबसे पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की जरूरत है.