त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है बांका लोकसभा सीट का चुनाव, दूसरे चरण में होगा मतदान

लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार के बांका लोकसभा सीट पर भी चुनाव कुछ दिलचस्प होने वाला है. आशंका जताई जा रही है कि यहां त्रिकोणीय संघर्ष हो सकता है.

त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ रहा है बांका लोकसभा सीट का चुनाव, दूसरे चरण में होगा मतदान
बांका लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष के आसार. (फाइल फोटो)

बांकाः लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार के बांका लोकसभा सीट पर भी चुनाव कुछ दिलचस्प होने वाला है. आशंका जताई जा रही है कि यहां त्रिकोणीय संघर्ष हो सकता है. बांका सीट से तीन प्रमुख लोग चुनावी मैदान में दो-दो हाथ करने को तैयार हैं. जिसके बाद माना जा रहा है कि यहां त्रिकोणीय संघर्ष हो सकता है. बांका लोकसभा सीट पर मतदान दूसरे फेज में 18 अप्रैल को होना है.

बांका लोकसभा सीट पर आरजेडी और जेडीयू उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर होना तय है. लेकिन इस सीट पर बीजेपी से बागी नेता पुतुल सिंह ने भी निर्दलीय एंट्री मार दी है. हालांकि इस फैसले के बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. जिसके बावजूद वह बांका सीट को जीतने के लिए एंडी चोटी एक कर रही है.

पुतुल सिंह ने किया निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला
बांका सीट पर आरजेडी की ओर से वर्तमान सांसद जयप्रकाश यादव को ही टिकट दिया गया है. वहीं, बांका सीट को एनडीए में जेडीयू को मिला है. जिसपर जेडीयू ने गिरधारी यादव को उम्मीदवार बनाया है. लेकिन बीजेपी नेता पुतुल सिंह एनडीए के इस फैसले से नाराज हो गई और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. क्योंकि पुतुल सिंह ही 2014 के चुनाव में उम्मीदवार थी. हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

पुतुल सिंह जीत चुकी है निर्दलीय चुनाव
पुतुल सिंह बांका सीट पर पहले भी निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी है और उन्होंने जीत भी हासिल की थी. दरअसल पुतुल सिंह के पति दिग्विजय सिंह बांका से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं. 2009 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. लेकिन उनके निधन के बाद उनकी पत्नी पुतुल सिंह ने 2010 के लोकसभा उपचुनाव में जीत हासिल की थी. वहीं, 2014 में वह बीजेपी से यहां चुनाव मैदान में उतरी थी. 

गिरिधारी यादव जीत चुके हैं दो बार चुनाव
अगर जेडीयू उम्मीदवार गिरिधारी यादव की बात करें तो वह दो बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं. हालांकि वह 1996 में जनता दल से और 2004 में आरेजडी से चुनाव जीता था. लेकिन इस बार उन्हें जेडीयू की ओर से टिकट मिला है. 

मोदी लहर में भी जयप्रकाश यादव को मिली बांका में जीत
बांका सीट 2004 में पहली बार आरजेडी के खाते आई थी. यहां से गिरिधारी यादव ने आरजेडी से जीत हासिल की. वहीं, 2009 में निर्दलीय दिग्विजय सिंह ने जीत हासिल की. लेकिन 2014 में मोदी लहर के बावजूद आरजेडी के उम्मीदवार जयप्रकाश यादव ने यहां से जीत हासिल की थी. ऐसे में वह इस बार भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.

नेशनल शूटर खिलाड़ी श्रेय्सी सिंह कर रही है मां के लिए प्रचार
पुतुल सिंह के लिए उनकी बेटी श्रेय्सी सिंह जो कि गोल्डन गर्ल की नाम से जानी जाती है. वह बांका में अपनी मां के लिए जोरशोर से प्रचार में जुटी हैं. वह लगातार क्षेत्र में कैंपेन कर रही हैं और लोगों से वोट की अपील कर रही हैं. वह एक स्टार प्रचार के रूप में अपनी मां पुतुल सिंह के लिए प्रचार कर रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि पुतुल सिंह बांका में बांकी उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देंगी. उन्होंने 2014 के चुनाव में भी जयप्रकाश यादव को टक्कर दिया था.

बहरहाल, बांका लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष होने का आसार दिख रहे हैं. हालांकि इसका फैसला जनता करेगी. जब 18 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदाता बांका में मतदान करेंगे.