डिंडीगुल: तमिलनाडु की इस सीट पर थेवर कम्युनिटी का वर्चस्व रहा है

Lok Sabha elections 2019 : इस चुनाव में DMK ने पी वेलुचामी को मैदान में उतारा है. NDA की तरफ से PMK के के ज्योति को मैदान में उतारा है. 

डिंडीगुल: तमिलनाडु की इस सीट पर थेवर कम्युनिटी का वर्चस्व रहा है
इस सीट पर 2004 से 2014 तक कांग्रेस का कब्जा था.

नई दिल्ली: डिंडीगुल लोकसभा सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुआ था. इस सीट के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं. इस सीट पर कांग्रेस, DMK और AIADMK समय-समय पर जीतती आई है. 2004 से 2014 तक कांग्रेस का कब्जा था. 2014 में AIADMK के उदय कुमार की जीत हुई. उससे पहले 1998 से 2004 तक भी इसी पार्टी के प्रत्याशी की जीत हुई थी. इस चुनाव में DMK ने पी वेलुचामी को मैदान में उतारा है. NDA की तरफ से PMK के के ज्योति को मैदान में उतारा है. इस सीट पर थेवर कम्युनिटी का वर्चस्व है. जिस किसी ने भी इस कम्युनिटी के प्रत्याशी को मैदान में उतारा है, उसकी जीत हुई है.

तमिलनाडु एक ऐसा राज्य है जहां नेशनल पार्टियों की नहीं, बल्कि क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है. DMK और AIADMK यहां की दो प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियां हैं. इस चुनाव में कांग्रेस DMK के साथ और BJP, AIADMK और PMK साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. कांग्रेस 9 सीटों पर और बीजेपी 5 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. दोनों की सहयोगी पार्टियां DMK और AIADMK भी केवल 20-20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. बाकी सीटों पर अन्य छोटी क्षेत्रीय पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं. 2014 लोकसभा चुनाव में 39 सीटों में 37 सीटों पर तो केवल AIADMK की जीत हुई थी. एक सीट पर बीजेपी और एक सीट पर PMK की जीत हुई थी. दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ी थी. DMK का खाता भी नहीं खुल पाया था.

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2014 के आंकड़ों के मुताबिक, यहां मतदाताओं की कुल संख्या 1400531 है. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 696160 है और महिला मतदाताओं की संख्या 704371 है. 2011 जनगणना के मुताबिक, जिले की आबादी 2160000 है. यहां 1000 पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की आबादी 998 है. औसत साक्षरता 77 फीसदी है.