लोकसभा चुनाव 2019: बदलते राजनीतिक समीकरणों में उलझा कोयम्बटूर का चुनावी गणित

1980 में  यहां DMK तो 1984, 1989 और 1991 में यहां कांग्रेस ने फिर वापसी करते हुए जीत दर्ज कराई. 1996 में डीएमके, 1998 और 1999 में भाजपा की कोयम्बटूर में जीत हुई.

लोकसभा चुनाव 2019: बदलते राजनीतिक समीकरणों में उलझा कोयम्बटूर का चुनावी गणित
(सांकेतिक फोटो)

नई दिल्लीः तमिलनाडु की कोयम्बटूर लोकसभा सीट राज्य की उन एक लोकसभा सीटों में से एक है, जिस पर चुनावी समीकरण हमेशा बदलते रहे हैं. यहां की जनता किसी पार्टी या किसी दल विशेष पर नहीं बल्कि प्रत्याशी को परखने पर विश्वास करती है. यही कारण है कि इस सीट पर अब तक हुए 12 लोकसभा चुनावों में से जनता अक्सर अपना प्रतिनिधि बदलती रही है. तमिलनाडु की अन्य सीटों की ही तरह यहां भी एआईएडीएमके का डंका बजा और पी नागराज यहां से सांसद चुने गए.

चुनावी इतिहास
कोयम्बटूर में अब तक हुए 12 लोकसभा चुनावों में 2 बार डीएमके, 2 बार बीजेपी, 3 बार सीपीआई, 3 बार कांग्रेस, 1 बार सीपीएम तो एक बार एआईएडीएमके को जीत मिली. 1952 में यहां पहला चुनाव हुआ  जिसमें कांग्रेस को जीत मिली. इसके बाद 1957 में सीपीआई, 1962 में फिर कांग्रेस, 1967 में सीपीएम, 1971, 1974 और 1977 में यहां सीपीआई नेता ने जीत हासिल की.

1980 में  यहां DMK तो 1984, 1989 और 1991 में यहां कांग्रेस ने फिर वापसी करते हुए जीत दर्ज कराई. 1996 में डीएमके, 1998 और 1999 में भाजपा की कोयम्बटूर में जीत हुई. वहीं 2004 में यहां सीपीआई, 2009 में सीपीएम और 2014 में एआईएडीएमके को इस सीट से जीत हासिल हुई.

कोयम्बटूर की जनसंख्या
कोयम्बटूर की कुल जनसंख्या 21,85,424 है, जिसमें से 17.97 प्रतिशत आबादी गांव तो बाकि की 82.03 प्रतिशत आबादी शहर में निवास करती है. इनमें से 13.38 प्रतिशत लोग एससी वर्ग से हैं.

2014 के लोकसभा चुनाव नतीजे
तमिलनाडु की कोयंबटूर लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद एआईएडीएमके नेता पी. नागराजन ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सीपी राधाकृष्णन को 42,016 वोटों के अंतर से हराया था. इस चुनाव में पी नागराजन को कुल 4,31,717 तो सीपी राधाकृष्णन को 3,89,701 वोट मिले थे.