दाहोद लोकसभा सीट पर होगी कड़ी टक्कर, 2014 में BJP को मिली थी बड़ी जीत

दाहोद लोकसभा सीट पर 1999 में बीजेपी ने पहली बार जीत हासिल की थी.

दाहोद लोकसभा सीट पर होगी कड़ी टक्कर, 2014 में BJP को मिली थी बड़ी जीत
दाहोद सीट पर बीजेपी ने 2014 में बड़ी जीत दर्ज की थी. (प्रतीकात्मक फोटो)

दाहोदः गुजारत राज्य में दाहोद जिला दुधमती नदी के किनारे बसा एक छोटा सा जिला है. दाहोद का अर्थ होता है दो सीमाएं, क्यों कि यह जिला दो राज्यों की सीमाओं को छुता है. दाहोद राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्य की सीमाओं को छुता है. यहां दाहोद का किला मशहूर है जहां मुगल राजा औरंगजेब का जन्म हुआ था.

दाहोद लोकसभा सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुआ था. जिसमें कांग्रेस की टिकट से जालजीभाई ने कांग्रेस को जीत दिलाई थी. वहीं, 1999 में पहली बार कांग्रेस को हराकर बीजेपी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी. दाहोद सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट है.

1998 के लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस लगातार दाहोद सीट पर जीत दर्ज करते आई है. 1998 तक यह कांग्रेस का गढ़ माना जाता था. वहीं, 1962 में स्वतंत्र पार्टी ने जीत हासिल की थी. बीजेपी दाहोद सीट पर 1999 में पहली बार जीत दर्ज करने में सफल हुई थी. 1977 से 1998 तक दामोर सोमजीभआई ने कांग्रेस की टिकट से लगातार जीत दर्ज करते आ रही थी.

इसके बाद 1999 में बीजेपी के टिकट से बाबूभाई ने पहली बार बीजेपी को जीत दिलाई थी. वहीं, 2004 में भी बाबूभाई ने ही बीजेपी की जीत को बरकरार रखा था. लेकिन 2009 में दाहोद लोकसभा सीट पर कांग्रेस के डॉ प्रभाकिशोर ने बाबूभाई को शिकस्त देने में कामयाब हो गई.

वहीं, 2014 में मोदी लहर में बीजेपी ने फिर से दाहोद सीट पर वापसी की. 2014 में जसवंतसिंह को बीजेपी से टिकट मिला और उन्होंने कांग्रेस के प्रभाबेन को 2 लाख से भी अधिक वोटों से हराया था.

अब 2019 में दाहोद लोकसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला होने का संभावना है.