जूनागढ़ लोकसभा सीटः लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी लगा पाएगी जीत की हैट्रिक

जूनागढ़ लोकसभा सीट पर बीजेपी 2009 और 2014 में लगातार जीत हासिल की थी.

जूनागढ़ लोकसभा सीटः लगातार दो बार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी लगा पाएगी जीत की हैट्रिक
जूनागढ़ लोकसभा सीट पर बीजेपी जीत की हैट्रिक लगा सकती है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जूनागढ़ः गुजरात राज्य का जूनागढ़ जिला एक प्राचीन जिला है. गुजरात की भाषा में जूनागढ़ का अर्थ होता है प्राचीन किला, विभिन्न राजनीतिक और धार्मिक शाक्तियों के समन्वय के कारण जूनागढ़ बहुमूल्य संस्कृति का धनी रहा है. यह शहर स्थापत्य कला का नायाब उदाहरण हैं. जो आज भी यहां देखी जाती है. माना जाता है कि जूनागढ़ रियासत को सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से भारत में विलय कराया गया था.

जूनागढ़ में 1962 में पहली बार चुनाव हुआ था. कांग्रेस के टिकट पर चितरंजन राजा ने जीत हासिल की थी. यहां पर 1984 तक कांग्रेस का राज रहा था. वहीं, 1991 में पहली बार बीजेपी ने जीत हासिल की थी. भावना बेन चिखलिया ने 1991 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट से मैदान में उतरे और पार्टी को जीत दिलाई.

1991 के बाद भावना बेन चिखलिया 1996, 1998 और 1999 में लगातार बीजेपी को चार बार जीत दिलाई. हालांकि इसके बाद 2004 के चुनाव में कांग्रेस फिर से इस सीट पर काबिज हुई. वहीं, 2009 में बीजेपी ने फिर से जीत हासिल की थी. साथ ही 2014 के चुनाव में बीजेपी यहां फिर से बाजी मार ली.

जूनागढ़ एक हिंदू बाहुल्य क्षेत्र है. यहां पर 17 फीसदी मुस्लिम आबादी है. जूनागढ़ पर 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर हो सकती है. जूनागढ़ लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत सात विधानसभा सीटें आती है. 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सातों विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब हुई थी.

इसलिए बीजेपी के लिए भी जूनागढ़ सीट काफी महत्वपूर्ण है. और इस पर कांग्रेस को हराने के लिए बीजेपी को भी कड़ी चुनौतियों को सामना करना पड़ सकता है. हालांकि बीजेपी ने दो बार लगातार जीत दर्ज कर चुकी है. लेकिन जीत की हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी को कांग्रेस का कड़ा सामना करना पड़ सकता है.