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मधुबनी लोकसभा सीट : कौन होगा हुकुमदेव नारायण यादव का राजनीतिक उत्तराधिकारी?

1971 में पहली बार जगन्नाथ मिश्र इस सीट से कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे थे. 

मधुबनी लोकसभा सीट : कौन होगा हुकुमदेव नारायण यादव का राजनीतिक उत्तराधिकारी?
हुकुमदेव नारायण यादव को हाल ही में मिला था सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार. (फाइल फोटो)

मधुबनी : बिहार के मधुबनी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हुकुमदेव नारायण यादव फिलहाल सांसद हैं. हाल ही में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से नवाजा गया था. बीजेपी के 75 वर्ष वाले फॉर्मूले के तहत यह तय माना जा रहा है कि 80 वर्षीय हुकुमदेव नारायण यादव का टिकट कट सकता है. जिस दिन उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से नावाज जा रहा था, उस दिन अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया था कि शायद मैं अब कभी चुनाव नहीं लड़ूं. उनके बाद इस लोकसभा सीट पर बीजेपी किसे मौका देती है इस बात का खुलासा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही हो सकेगा.

शुरुआती दौर में दरभंगा लोकसभा में ही मधुबनी का हिस्सा भी शामिल था. 1971 में पहली बार जगन्नाथ मिश्र इस सीट से कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे थे. वर्तमान सांसद हुकुमदेव नारायण यादव 1977 में पहली बार जनता पार्टी की टिकट पर मधुबनी के सांसद बने. वहीं, कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के मशहूर नेता भोगेंद्र झा 1967, 1971, 1989 और 1991 में और इसी पार्टी से चतुरानन मिश्र 1996 में इस सीट से लोकसभा चुनाव जीते थे.

1998 में कांग्रेस की टिकट पर शकील अहमद को मिली थी जीत
1984 के बाद लंबे अंतराल पर 1998 में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार शकील अहमद चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचे थे. 1999 लोकसभा चुनाव में एनडीए अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही थी. मधुबनी सीट से एकबार फिर हुकुमदेव नारायण यादव को उम्मीदवार बनाया गया और वह चुनाव जीतने में सफल रहे. लेकिन 2004 में हुए अगले ही चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार शकील अहमद के हाथों हार का सामना करना पड़ा. शकील अहमद को यूपीए की सरकार में मंत्री भी बनाया गया था.

2014 में चौथी बार सांसद बने हुकुमदेव नारायण यादव
इसके बाद 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में लगातार हुकुमदेव नारायण यादव को सफलता मिली. 2014 के चुनाव की अगर बात करें तो 1627832 मतदाताओं वाले लोकसभा सीट पर कुल 11 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे थे. इस चुनाव में कांग्रेस ने आरजेडी के पाले में यह सीट दे दी. आरजेडी से अब्दुल बारी सिद्दीकी चुनावी मौदान में थे. इस चुनाव में कुल 860453 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया.

2014 को मोदी लहर में हुकुमदेव नारायण यादव 358040 मतों के साथ चुनाव जीतने में सफल रहे थे. इस चुनाव में आरजेडी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे अब्दुल बारी सिद्दीकी को 337505 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे. इसके अलावा जेडीयू की टिकट मधुबनी से गुलाम गौस और बसपा की टिकट हरिनारायण यादव चुनव लड़ रहे थे. दोनों को क्रमश: 56392 और 10115 मत मिले थे.