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लोकसभा चुनाव 2019: जाने क्या है तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट का इतिहास

शिवगंगा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद AIADMK नेता पी आर सेंथिलनाथान (P.R. Senthilnathan) हैं, उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर DMK के धुरई राज को 2,29,385 वोटों से हराया था

लोकसभा चुनाव 2019: जाने क्या है तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट का इतिहास
तमिलनाडु का शिवगंगा जिला आस्था का बड़ा केंद्र है. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः  दक्षिण भारत की शिवगंगा लोकसभा सीट 1967 में पहली बार अस्तित्व में आई थी. 1967 और 71 के लोकसभा चुनाव में यहां से कीरूत्तीनान द्रमुक उम्मीदवार विजयी रहे. 1977 में पी त्यागराजन अन्नाद्रमुक से विजयी रहे. इसके बाद 1980 से लेकर1991 तक यह सीट कांग्रेस के [kkपास रही. 1980 के बाद बाकी के चुनाव में पी चिदंबरम विजयी रहे.

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1999 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर ईएम सुदर्शन नचियप्पन विजयी रहे. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर पी चिदंबरम कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते. 2014 के लोकसभा चुनाव में पीआर सेंथिलनाथन अन्नाद्रमुक के टिकट पर चुनाव जीते.

तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद AIADMK नेता पी आर सेंथिलनाथान (P.R. Senthilnathan) हैं, उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर DMK के धुरई राज को ( Dhurai Raaj Subha) को 2,29,385 वोटों से हराया था. पीआर सेंथिलनाथान को इस चुनाव में 4,75,993 वोट मिले थे. वहीं DMK प्रत्याशी को केवल 2,46,608 वोटों पर संतोष करना पड़ा था. इस सीट पर नंबर 3 पर भाजपा नेता एच राजा और नंबर चार पर कांग्रेस के कार्ति चिदंबरम थे. एच राजा को 1,33,763 वोट मिले थे तो वहीं कार्ति के हिस्से में केवल 1,04,678 वोट आए थे.

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शिवगंगा सीट की प्रमुख बातें
तमिलनाडु का शिवगंगा जिला आस्था का बड़ा केंद्र है, ये राजधानी चेन्नई से 449 किमी की दूरी है. यहां पर थेवर साम्राज्य ने लंबा शासन किया है. यहां कृषि, धातु का काम और बुनाई का काम बहुतायत में होता है. बहुत सारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को खुद में संजोये शिवगंगा की कुल जनसंख्या 18,67,198 है, जिसमें से 75 प्रतिशत लोग गांवों में रहते हैं और 24 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं, यहां पर 16 प्रतिशत आबादी एससी वर्ग की है.