निजामाबाद लोकसभा सीट: क्या कांग्रेस के गढ़ में इस बार भी सेंध लगा पाएगी टीआरएस?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कल्‍वकुंतला कविता इस सीट से चुनकर संसद की दहलीज पर पहुंचीं. कविता को राज्य की पहली महिला सांसद होने का भी गौरव प्राप्त है.

निजामाबाद लोकसभा सीट: क्या कांग्रेस के गढ़ में इस बार भी सेंध लगा पाएगी टीआरएस?
निजामाबाद सीट से टीआरएस की प्रत्याशी कल्‍वकुंतला कविता. (फाइल फोटो)

निजामाबाद: तेलंगाना में कांग्रेस के दबदबे वाली निजामाबाद सीट पर 2014 के चुनाव में पहली बार तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने खाता खोला था. राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कल्‍वकुंतला कविता (Kalvakuntla Kavitha) इस सीट से चुनकर संसद की दहलीज पर पहुंचीं. कविता को राज्य की पहली महिला सांसद होने का गौरव प्राप्त है. इस बार भी टीआरएस की इस उम्मीदवार के खिलाफ कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी मधु यस्की गौड़ को दोहराया. वहीं बीजेपी की तरफ से डी. अरविंद के रूप नया चेहरा मैदान में है. इस सीट पर 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हो चुका है. अब देखना यह होगा कि 23 मई को मतगणना में किस प्रत्याशी को फतह मिलेगी?

तेलंगाना राज्य के गठन के बाद 2014 में निजामाबाद संसदीय क्षेत्र से टीआरएस को जीत मिली. हालांकि, इस सीट पर 16 बार हो चुके लोकसभा चुनावों में सबसे ज्यादा 11 बार कांग्रेस ने फतह हासिल की है. यहां तीन बार तेलुगू देशम पार्टी (TDP) और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार ने विजय पताका फहराई थी.

दरअसल, तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर पहले चरण यानी 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. 10 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद 18 मार्च को यहां नोटिफिकेशन निकाला गया और 25 मार्च को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख घोषित की गई. इसके बाद 26 मार्च को प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई और 11 अप्रैल को वोटिंग हुई.

2014 के लोकसभा चुनाव में निजामाबाद सीट से मुख्यमंत्री की बेटी कल्‍वकुंतला कविता को इस संसदीय क्षेत्र में 42.49 फीसदी यानी 4,39,307 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेसी मधु यस्की गौड़ ने 26.32 प्रतिशत (2,72,123 वोट) हासिल किए थे. इसके अलावा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले बीजेपी उम्मीदवार ई. लक्ष्मीनारायण को 21.79 फीसदी यानी 2,25,333 वोट मिले थे. बता दें कि यहां 71.23 फीसदी यानी 10,33,924 मतदाताओं ने मतदान किया था.

निजामाबाद लोकसभा क्षेत्र से सात विधायक चुनकर राज्य की विधानसभा में पहुंचते हैं. यहां सातों विधानसभा सीटें अनारक्षित हैं, जिनमें सीटें अरमुर, बोधन, निजामाबाद (ग्रामीण),  निजामाबाद (शहरी), बालकोन्डा, कोरातला और जगतियाल शामिल हैं. 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर टीआरएस के विधायक चुने गए थे.

तेलंगाना भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर भारत का 29वां राज्य बना था. दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी हैदराबाद है. राज्य में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की अगुवाई में टीआरएस पार्टी की सरकार है. इस राज्य में 119 विधानसभा सीटें और 17 लोकसभा सीटें हैं. वहीं प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 31 है.