मायावती दे रही थीं भाषण और उन्हीं के सामने लोग लहरा रहे थे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के पोस्टर
Advertisement

मायावती दे रही थीं भाषण और उन्हीं के सामने लोग लहरा रहे थे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के पोस्टर

सहारनपुर के देवबंद में बीएसपी-सपा-आरएलडी ने रविवार को एक साझा रैली की. रैली के दौरान इन सभी नेताओं ने बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. 

फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के देवबंद में बीएसपी-सपा-आरएलडी की संयुक्त रैली में भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर के कई समर्थक नजर आए. इन समर्थकों ने चंद्रशेखर के कई पोस्टर थाम रखे थे. समर्थकों ने महागठबंधन की इस रैली में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के लिए जमकर नारेबाजी की. बता दें कि बीते साल सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में भीषण जातीय हिंसा हुई थी. इस मामले में चंद्रशेखर को गिरफ्तार भी किया गया था. इससे पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को बीजेपी का एजेंट भी बता चुकी हैं.

मायावती-अखिलेश ने रैली में भरी हुंकार, 'महागठबंधन से होगा अगला प्रधानमंत्री, चली जाएगी BJP'

 

fallback

 

भीम आर्मी को बताया था बीजेपी की 'बी टीम'
बीते साल बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) अध्यक्ष मायावती ने सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में हुई जातीय हिंसा के मामले में गिरफ्तारी के बाद रिहा हुए चंद्रशेखर के साथ कोई नाता होने से इनकार किया था. मायावती ने कहा था, ''मैं देख रही हूं कि कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ में तो कुछ लोग अपने बचाव में और कुछ लोग खुद को नौजवान दिखाने के लिये कभी मेरे साथ भाई-बहन का तो कभी बुआ-भतीजे का रिश्ता जोड़ रहे हैं.''

 

 

हिंसा के आरोपी से नहीं है कोई नाता- मायावती
उन्होंने कहा था कि शब्बीरपुर में हुई हिंसा के मामले में रिहा हुआ व्यक्ति (चंद्रशेखर) उनके साथ बुआ का नाता जोड़ रहा है. उन्होंने कहा था कि उनका कभी भी ऐसे लोगों के साथ कोई सम्मानजनक रिश्ता नहीं कायम हो सकता. अगर ऐसे लोग वाकई दलितों के हितैषी होते तो अपना संगठन बनाने की बजाय बसपा से जुड़ते. मालूम हो कि मई 2017 में सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के मामले में गिरफ्तार किये गये भीम आर्मी के चंद्रशेखर को बीते साल 14 सितंबर को रिहा किया गया था. रिहाई के बाद उन्होंने कहा था कि मायावती उनकी बुआ हैं और उनका उनसे कोई विरोध नहीं है.

गरीब, दलित और अल्पसंख्यक मिलकर एक साथ करेंगे वोट
वहीं, सहारनपुर के देवबंद में बीएसपी-सपा-आरएलडी ने रविवार को एक साझा रैली की. रैली के दौरान इन सभी नेताओं ने बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. महागठबंधन के सहयोगी बीएसपी सुप्रीमो मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के मुखिया अजित सिंह ने किसी चुनावी रैली में पहली बार मंच साझा करते हुए कहा कि इस बार चुनाव में गरीब, दलित तथा अल्पंसख्यक मिलकर जुमलेबाजों को सबक सिखाएंगे.

कांग्रेस-बीजेपी देशहित के मामले में विफल रहीं- मायावती
सबसे पहले सम्बोधन देने आयीं बीएसपी प्रमुख मायावती ने बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस को भी निशाने पर रखा. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस, बीजेपी तथा अन्य सरकारें देशहित के मामले में ज्यादातर विफल ही रही हैं. जनता को इन्हें अब और ज्यादा आजमाने की जरूरत नहीं है. इन सभी विरोधी पार्टियों को किसी भी कीमत पर सत्ता में नहीं आने देना है. उन्होंने जनता से कहा कि आपको डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर, राम मनोहर लोहिया और चौधरी चरण सिंह के सपनों को पूरा करना है.

बांटने की राजनीति कर रही है बीजेपी- अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर देश में नफरत फैलाकर राज करने का आरोप लगाते हुए इस मौके पर कहा, 'अंग्रेजों ने लोगों को बांटकर देश पर राज किया था, लेकिन उससे ज्यादा अगर कोई हमें बांट रहा है तो वह भाजपा के लोग हैं.' सपा प्रमुख ने भाजपा और कांग्रेस को एक ही सिक्के के पहलू करार देते हुए कहा कि हम अपील करते हैं कि यह महागठबंधन तो बदलाव लाने के लिये है, मगर कांग्रेस बदलाव नहीं लाना चाहती. सोचिये देश के लिये कौन सोच रहा है.

लोगों का संवैधानिक हक छीनना चाहती है बीजेपी- अजित सिंह
आरएलडी मुखिया चौधरी अजित सिंह ने कहा कि गरीब आदमी के पास एक ही ताकत है, वह है पांच साल में सरकार बदलने की. मगर भाजपा इसे खत्म करना चाहती है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह कहते हैं कि अगर मोदी जीत गये तो 50 साल राज करेंगे. भाजपा सांसद साक्षी महाराज कहते हैं कि यह आखिरी चुनाव है. सोचिये, ये लोग आपका संवैधानिक हक छीन लेना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कहा था कि वह हर साल दो करोड़ रोजगार देंगे. मगर, रोजगार बढ़ना तो दूर, दो करोड़ कम हो गये. वह युवाओं को पकौड़ा बनाने की सलाह देते हैं.

Trending news