• 540/542 लक्ष्य 272
  • बीजेपी+

    337बीजेपी+

  • कांग्रेस+

    83कांग्रेस+

  • अन्य

    120अन्य

लोकसभा चुनाव 2019: क्या विजयवाड़ा सीट बचा पाएगी टीडीपी? YSR से जोरदार टक्कर

विजयवाड़ा लोकसभा सीट आंध्रप्रदेश के अंतर्गत आने वाला एक महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है जहां पहले चरण में मतदान होना है. 2011 की जनगणना के अनुसार, विजयवाड़ा में कुल 1,402,315 वोटर हैं.

लोकसभा चुनाव 2019: क्या विजयवाड़ा सीट बचा पाएगी टीडीपी? YSR से जोरदार टक्कर
विजयवाड़ा आंध्रप्रदेश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है.

विजयवाड़ा: लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होनी है. विजयवाड़ा लोकसभा सीट आंध्रप्रदेश के अंतर्गत आने वाला एक महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है जहां पहले चरण में मतदान होना है. 2011 की जनगणना के अनुसार, विजयवाड़ा में कुल 1,402,315 वोटर हैं. इसमें से 693,391 पुरुष जबकि 708,924 महिला मतदाता हैं. इस लोकसभा क्षेत्र के तहत विधानसभा की सात सीटें आती हैं जो 2008 के परिसीमन मे बाद अस्तित्व में आई. विजयवाड़ा आंध्रप्रदेश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है. यह शहर आंध्रप्रदेश का तीसरा बड़ा शहर है और राजनीतिक रूप से राष्ट्रीय राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. विजयवाड़ा एशिया में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का बहुत बड़ा हब है.  

कांग्रेस ने 2004, 2009 में इस सीट पर कब्जा जमाया था. विजयवाड़ा सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है. 2014 के लोकसभा चुनाव में टीडीपी ने बाजी मारी थी. टीडीपी की ओर से केसिनेनी श्रीनिवास सांसद चुने गए थे. एक बार फिर से टीडीपी ने श्रीनिवास को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, कांग्रेस ने नरहरसेट्टी नरसिम्हा राव को मैदान में उतारा है. जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस ने पोटलुरि वारा प्रसाद को टिकट दिया है. बीजेपी भी मैदान में है और पार्टी ने दिलीप कुमार किलारु को भगवा लहराने की जिम्मेदारी सौंपी है. 

देखना होगा कि इस बार किस पार्टी की जीत होती है. विजयवाड़ा में पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होना है. मतों की गणना 23 मई को होगी. आंध्रप्रदेश में विधानसभा चुनाव भी लोकसभा के साथ हो रहे हैं. 

 

विजयवाड़ा में अभी तक नहीं खिला कमल
विजयवाड़ा लोकसभा सीट के इतिहास पर गौर करें तो पाएंगे कि यहां टीडीपी और कांग्रेस के बीच टक्कर होती रही है. टीडीपी ने 1984 में पहली बार इस सीट पर अपना खाता खोला था. तभी से कभी कांग्रेस तो कभी टीडीपी जीतती रही है. 2004, 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने लगातार दो बार यहां से जीत हासिल की थी. हालांकि पिछले चुनाव में टीडीपी ने मैदान मारा था. बीजेपी का अभी तक इस सीट पर खाता नहीं खुल पाया.