close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

आचार संहिता की दुहाई, राजस्थान विधानसभा के पैरामीटर्स देश में सबसे अलग

दूसरे राज्यों में विधानसभा की वेबसाइट पर विधायकों और सरकार के दूसरे प्रमुख चेहरों के बारे मे जानकारी दी गई है. यहां तक की लोकसभा और राज्य सभा की वेबसाइट पर भी सांसदों की जानकारी है. लेकिन राजस्थान विधानसभा की साइट पर वह जानकारी भी हटा दी गई है.

आचार संहिता की दुहाई, राजस्थान विधानसभा के पैरामीटर्स देश में सबसे अलग
चुनावी नतीजे आने के बाद EC आदर्श संहिता हटाने की घोषणा करेगा. (फाइल फोटो)

जयपुर: लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है. जिसके इसके दायरे में सारे जनप्रतिनिधि आते हैं. इस दौरान सीएम के अलावा उनके मंत्रियों के के फोटो को भी सभी सरकारी वेबसाईट से हटाने के निर्देश है. लेकिन इन निर्देशों की पालना को लेकर अलग रवैया भी दिख रहा है. राजस्थान विधानसभा ने मुख्यमन्त्री और मन्त्रियों के साथ ही विधानसभाध्यक्ष और विधायकों की जानकारी वेबसाइट से हटा दी है.

नियमानुसार, लोकसभा चुनाव का आखिरी दौर के दौरान रविवार को शाम 6 बजे सभी सात चरणों की वोटिंग भी पूरी हो जाएगी. लेकिन वोटिंग के बाद भी देशभर में आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी. केन्द्रीय निर्वाचन आयोग 23 मई को नतीजे आने के बाद आदर्श संहिता हटाने की घोषणा करेगा.

दरअसल आचार संहिता के कारण सभी सरकारी वेबसाइट से नेताओं की फोटो और सन्दर्भ हटा लिये गए हैं. लेकिन इस मामले में सबसे अनोखा मामला राजस्थान विधानसभा का है. राजस्थान विधानसभा की साइट पर प्रदेश के राज्यपाल और विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर की जानकारी तो है. लेकिन मुख्यमन्त्री और मन्त्रियों के फोटो के साथ उनके नाम तक हटा दिये हैं. इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष और विधायकों के बारे में भी इस वेबसाइट से जानकारी हटा दी गई है.

विधानसभा की वेबसाइट से निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जनप्रतिनिधियों की फोटो और सन्दर्भ हटा देता है. लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या राजस्थान में इस आदेश को लागू करने में ज्यादा आदर्शवाद का पालन किया गया या फिर आयोग के निर्देशों को समझने में अलग-अलग राज्यों की समझ में फेर है. 

जबकि, दूसरे राज्यों में विधानसभा की वेबसाइट पर विधायकों और सरकार के दूसरे प्रमुख चेहरों के बारे मे जानकारी दी गई है. यहां तक की लोकसभा और राज्य सभा की वेबसाइट पर भी सांसदों की जानकारी है. लेकिन राजस्थान विधानसभा की साइट पर वह जानकारी भी सस्पेन्ड कर दी गई है.