राजस्थान: CM गहलोत के बेटे वैभव के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अटकलों का दौर तेज

प्रदेश कांग्रेस में महासचिव वैभव गहलोत 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सियासत की नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं. 

राजस्थान: CM गहलोत के बेटे वैभव के लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अटकलों का दौर तेज
वैभव की उम्मीदवारी का पायलट ने भी समर्थन किया है. (फाइल फोटो)

जयपुर: कांग्रेस के आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की सूची तैयार करने की कवायद की बीच, राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव को टिकट दिए जाने को लेकर अटकलें तेज हो गयी हैं.

ऐसा कहा जा रहा है कि पार्टी वैभव गहलोत को राज्य की जोधपुर या जालोर-सिरोही लोकसभा सीट से चुनाव लड़वा सकती है. अगर प्रदेश कांग्रेस में महासचिव वैभव को टिकट दी जाती है तो उनके लिए यह पहला चुनाव होगा जिसके जरिए वह अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कर सकते हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन दोनों सीटों की जिला कांग्रेस समितियों ने वैभव गहलोत की दावेदारी का समर्थन किया है.

टोंक सवाई माधोपुर या सिरोही सीट से लड़ सकते हैं चुनाव

इसके अलावा, वैभव को टोंक सवाई माधोपुर सीट से भी उतारा जा सकता है क्योंकि 2009 के लोकसभा चुनाव में भी उनका नाम इस सीट के लिए सामने आया था. खुद मुख्यमंत्री गहलोत के हाल ही में सिरोही में दिए एक बयान को देखा जाए तो वैभव को जालोर सिरोही सीट से उतारा जा सकता है.

गहलोत ने पार्टी हाईकमान पर छोड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने सिरोही की यात्रा में कहा था, ‘‘मुझे पता है कि वैभव का नाम चल रहा है. पांच साल पहले मेरी इच्छा थी कि वह जालोर सिरोही सीट से लड़े. लेकिन किन्हीं कारणों से उन्हें टिकट नहीं मिली.’’

मुख्यमंत्री ने हालांकि स्पष्ट किया था कि टिकट वितरण के बारे में अंतिम फैसला पार्टी हाइकमान ही करेगा. उन्होंने कहा,' हम तो कांग्रेस के निष्ठावान सिपाही हैं. अगर राहुल गांधी किसी अन्य प्रत्याशी को चुनते हैं तो आप उसे भी वैभव गहलोत समझकर वोट देना.’’

पायलट भी कर चुके हैं समर्थन

पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट भी एक तरह से वैभव की दावेदारी का समर्थन कर चुके हैं. जनवरी में पायलट ने एक कार्यक्रम में कहा था,‘‘वैभव गहलोत लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं. हालांकि कुछ कारणों के चलते उन्हें पहले चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला. लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि उन जैसे लोगों को आगे बढने का मौका मिले. पार्टी युवाओं पर ध्यान देगी और उन्हें आगे लाने का प्रयास करेगी.’’ 

आपको बता दें कि, राजस्थान में मतदान 29 अप्रैल और छह मई को दो चरणों में होगा.