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RJD के शिवहर प्रत्याशी फैसल अली ने कहा- 'तेजप्रताप के कैंडिडेट से नहीं पड़ेगा फर्क'

आरजेडी से शिवहर के उम्मीदवार सैयद फैसल अली 18 अप्रैल को नामांकन कराएंगे.

RJD के शिवहर प्रत्याशी फैसल अली ने कहा- 'तेजप्रताप के कैंडिडेट से नहीं पड़ेगा फर्क'
शिवहर से आरजेडी उम्मीदवार है फैसल अली.

पटनाः लोकसभा चुनाव 2019 में महागठबंधन जीत के लिए अपनी ताकत झोंक रहा है. लेकिन लालू परिवार के अंदर कलह आरजेडी को शायद कमजोर कर रहा है. हालांकि आरजेडी का कहना है कि सबकुछ ठीक है, लालू परिवार में किसी तरह का कलह नहीं है. वहीं, तेजप्रताप यादव द्वारा शिवहर से प्रत्याशी उतारने को लेकर आरजेडी उम्मीदवार फैसल अली का कहना है कि इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उनकी जीत शिवहर में तय है.

आरजेडी से शिवहर के उम्मीदवार सैयद फैसल अली ने कहा है कि वह 18 अप्रैल को नामांकन दाखिल करेंगे. उन्होंने कहा कि शिवहर में आरजेडी की जीत तय हो गई है. 50 प्रतिशत जीत हमारी तय हो चुकी है. वहीं, तेजप्रताप द्वारा प्रत्याशी उतारने से उन्हें कोई खतरा है? इस सवाल पर उन्होंने कहा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. शिवहर की जनता आरजेडी को वोट करेगी.

फैसल अली ने कहा आरजेडी से उन्हें टिकट दिया गया है, लिहाजा जनता आरजेडी को वोट करेगी. लालू परिवार हमारे साथ है. उन्होंने कहा कि लालू यादव उनके साथ है और उनका आर्शीवाद भी उन्हें मिल गया है. इसलिए उनकी जीत को कोई रोक नहीं सकता है. वहीं, बीजेपी प्रत्याशी रमा सिंह पर हमला करते हुए कहा कि वह सांसद है लेकिन पांच साल में कभी वह क्षेत्र में नहीं दिखी. जनता उनसे नाराज है. इसलिए जनता ने इस बार फैसला कर लिया है.

बता दें कि आरजेडी नेता और लालू यादव के बेटे तेजप्रताप यादव ने शिवहर से निर्दलीय प्रत्याशी खड़े करने की बात कही है. साथ ही चुनाव प्रचार भी करने की बात कही है. उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को शिवहर और जहानाबाद सीट पर फिर से विचार करने को कहा है. गुरुवार को तेजप्रताप ने जहानाबाद से निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रप्रकाश के प्रचार के लिए पहूंचे थे. वहीं, शिवहर से वह अंकेश सिंह को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं.

हालांकि आरजेडी तेजप्रताप यादव की बात मानने को तैयार नहीं है. ऐसे में तेजप्रताप यादव आरजेडी के फैसले से नाखुश हैं. इससे पहले उन्होंने सारण सीट को लेकर भी नाराजगी जताई थी. सारण सीट पर उनके ससुर चंद्रिका राय को आरजेडी ने उम्मीदवार बनाया है. जिसपर उन्होंने अपनी मां राबड़ी देवी से चुनाव लड़ने की आग्रह की थी. साथ ही अगर वह चुनाव नहीं लड़ेंगी तो खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया था. देखना यह है कि वह आगे क्या फैसला लेंगे.