JNU के छात्र नेता रहे उमर खालिद के पिता पूर्व राष्‍ट्रपति के बेटे के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

जी मीडिया से खास बातचीत में इलियास ने कहा कि 2012 में उनकी पार्टी ने सबसे पहले उपचुनाव लड़ा था.

JNU के छात्र नेता रहे उमर खालिद के पिता पूर्व राष्‍ट्रपति के बेटे के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

कोलकाता: जेएनयू के छात्र नेता रहे उमर खालिद के पिता सैय्यद कासिम रसूल इलियास ने पश्चिम बंगाल की जंगीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. फिलहाल इस सीट से पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी लोकसभा सांसद हैं. कासिम रसूल वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के टिकट पर मैदान में उतरेंगे. जी मीडिया से खास बातचीत में इलियास ने कहा कि 2012 में उनकी पार्टी ने सबसे पहले उपचुनाव लड़ा था. 23 दिनों के भीतर ही उनको 42 हजार वोट मिले थे. 2014 में भी वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया ने लोकसभा चुनाव लड़ा था. अब तीसरी बार यह पार्टी मैदान में उतरेगी.

इलियास ने कहा कि पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी का एक जमाने में संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद जंगीपुर बेहद पिछड़ा क्षेत्र है. लोगों की उनसे बहुत अपेक्षाएं रहीं हैं लेकिन इस क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया. यहां पर लोगों के पास रोजगार के बेहद सीमित अवसर हैं. इस कारण लोगों को रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ता है. इस क्षेत्र में कोई यूनिवर्सिटी नहीं है और न ही प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र हैं.

बंगाल में गठबंधन की उम्मीद खत्म, लेफ्ट का साथ छोड़कर अकेले लड़ेगी कांग्रेस

पिछले तीन दशकों में किसी भी राजनीतिक दल ने यहां कोई विकास का कार्य नहीं किया है. भले ही कांग्रेस, लेफ्ट या तृणमूल कांग्रेस की सरकार रही हो. इन तीनों पार्टियों ने बारी-बारी से बंगाल में राज किया है. अपनी चुनावी रणनीतियों के बारे में इलियास ने कहा कि हम लोगों की अपेक्षाओं के एजेंडे के साथ चुनाव लड़ेंगे और 2019 के आम चुनावों में जंगीपुर से बेहतर नतीजे निकलने की उम्‍मीद है.

परोक्ष रूप से मोदी सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए इलियास ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्‍थाओं और अधिकारों का राष्‍ट्रवाद के नाम पर हनन हो रहा है. इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों का उत्‍पीड़न किया जा रहा है. इसके साथ ही उन्‍होंने जोड़ा कि वे ऐसे दल का समर्थन करेंगे जिसकी छवि सेक्‍युलर हो.