close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

BJP पर हमला करते-करते फिसली उपेंद्र कुशवाहा की जुबान, देवी सीता को लेकर दिया विवादित बयान

अपने संबोधन के दौरान कुशवाहा ने कहा, 'मैं एनडीए में रहकर बीजेपी को काफी नजदीक से देखकर आया हूं. सिद्दीकी साहब तो बाहर से देखते रहे हैं. मैं तो अंदर से देखकर आया हूं कि क्या है इनके अंदर और क्या बाहर. दोनों अलग-अलग है.'

BJP पर हमला करते-करते फिसली उपेंद्र कुशवाहा की जुबान, देवी सीता को लेकर दिया विवादित बयान
उपेंद्र कुशवाहा दरभंगा में आरजेडी उम्मीदवार के लिए जनसभा को संबोधित कर रहे थे. (तस्वीर- ANI)

दरभंगा : राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा ने दरभंगा में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दीकी के पक्ष में चुनाव प्रचार करते हुए देवी सीता को लेकर विवादित बयान दे दिया है. दरभंगा के बेनीपुर विधानसभा के मायापुर गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए कुशवाहा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तुलना रामायण के कलाकार से की है.

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि रामलीला के दौरान जिस सीता मैया को देखकर माताएं-बहनें सम्मान में सिर झुका लेती हैं, वही पर्दे के पीछे सिगरेट पी रही होती है. यही हाल है बीजेपी का. अंदर से कुछ और बाहर कुछ और.

अपने संबोधन के दौरान कुशवाहा ने कहा, 'मैं एनडीए में रहकर बीजेपी को काफी नजदीक से देखकर आया हूं. सिद्दीकी साहब तो बाहर से देखते रहे हैं. मैं तो अंदर से देखकर आया हूं कि क्या है इनके अंदर और क्या बाहर. दोनों अलग-अलग है.'

उन्होंने कहा, 'रामलीला आपने देखा है. रामलीला में मंच सजता है. पर्दा लगा रहता है. एक व्यक्ति माता सीता का रूप धारण कर आता है. माताएं-बहनें जो रामलीला देखती रहती है वो सीता माता को देखकर सिर झुका लेती है. लेकिन जब उसी सीता जी को पर्दे के पीछे जाकर देख लीजिए तो वह सिगरेट पीती रहती है. बस यही भारतीय जनता पार्टी का चेहरा है. अंदर सब कर्म-कुकर्म और बाहर ऐसा कि भगवान का रूप हैं.

कुशवाहा ने कहा कि जब बीजेपी वाले मंच पर आते हैं तो आप उनका देवी वाला रूप देखते हैं. लेकिन उनके अंदर का रूप मैं मंत्री रहते हुए देखकर आया हूं. उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान के बाद राजनीति गरमाने के संभावना है.