चिकबल्लापुर: वोक्‍कालिगा बाहुल्‍य सीट पर वीरप्‍पा मोइली का 'जाति से सामना'

प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु से करीब 60 किलोमीटर दूर चिकबल्लापुर में वोक्कालिगा समुदाय का दबदबा है जिनकी तादाद करीब चार लाख हैं. जाहिर है यहां पर यही जाति तय करती है कि कौन यहां से जीतेगा. लोकसभा चुनाव 2019 में वीरप्‍पा मोइली के सामने बीजेपी ने वोक्‍कालिगा चेहरे को मैदान में उतारा है.

चिकबल्लापुर: वोक्‍कालिगा बाहुल्‍य सीट पर वीरप्‍पा मोइली का 'जाति से सामना'

डोड्डाबल्लापुर (कर्नाटक): पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने सोमवार को कहा कि वोक्कालिगा बाहुल्य चिकबल्लापुर संसदीय क्षेत्र में जाति की अहम भूमिका नहीं होगी. वह एक बार फिर इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. प्रदेश की राजधानी बेंगलुरु से करीब 60 किलोमीटर दूर चिकबल्लापुर में वोक्कालिगा समुदाय का दबदबा है जिनकी तादाद करीब चार लाख हैं. जाहिर है यहां पर यही जाति तय करती है कि कौन यहां से जीतेगा. हालांकि खुद वीरप्‍पा मोइली जाति के फैक्‍टर से इनकार करते हैं. मोइली (79) ने कहा कि क्षेत्र “धर्मनिरपेक्ष” है और सांप्रदायिक बलों को बर्दाश्त नहीं करता. बीजेपी ने उनके सामने वोक्‍कालिगा समुदाय से आने वाले बीएन बाचेगौड़ा को मैदान में उतारा है.

1977 से कांग्रेस का गढ़
जो 1977 से कांग्रेस का गढ़ रही है. खुद वीरप्‍पा मोइली ने कहा, डोड्डाबल्लापुर नगर में कहा, “यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ है. हम 1977 में इसके गठन के बाद सिर्फ एक बार हारे हैं. हम 1996 के लोकसभा चुनाव में आर एल जालप्पा से हार गए थे. उन्होंने तब जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ा था. इसलिये जाति कारक की यहां कोई भूमिका नहीं होगी.”

इस सीट से तीसरी बार अपनी जीत के लिए दांव लगा रहे मोइली ने कहा कि 1984 से 1991 तक वी कृष्णा राव की हैट्रिक इस बात का अच्छा संकेतक है कि वोक्कालिगा समुदाय के दबदबे वाले इस संसदीय क्षेत्र में जातिगत राजनीति की कोई भूमिका नहीं होती. वी कृष्‍णा राव ब्राह्मण समुदाय से आते थे.

बीजेपी को वोक्‍कालिगा वोट से ही आस
भाजपा को हालांकि लगता है कि कांग्रेस और जद(एस) के बीच हुए गठजोड़ को लेकर नाखुशी के चलते वोक्कालिगा “वोटबैंक” का एक बड़ा हिस्सा पार्टी की तरफ आएगा. भाजपा के कर्नाटक प्रभारी मुरलीधर राव ने कहा कि जद(एस) के वोक्कालिगा मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद चिकबल्लापुर इलाके समेत ओल्ड मैसूरू क्षेत्र में भाजपा की तरफ आएगी.

पिछली बार मोइली सिर्फ 9 हजार से जीते
2014 के चुनाव में वीरप्‍पा मोइली ने ये सीट भले बचा ली थी, लेकिन उन्‍होंने बहुत थोड़े मार्जिन से बीजेपी उम्‍मीदवार को हराया था. वीरप्‍पा मोइली देवडिगा समुदाय से आते हैं. उन्‍होंने बीजेपी के बीएन बाचेगोड़ा को 9 हजार मतों से हराया था. बीजेपी ने इस बार भी बीएन बाचेगौड़ा को अपना उम्‍मीदवार बनाया है. माना जा रहा है कि वह वोक्‍कालिगा वोटर्स को अपनी ओर खींच सकते हैं.

input : Bhasha