के-पी पुलिस बटालियन में शामिल होंगी महिला कमांडो, 4 महीने तक दी जाएगी कड़ी ट्रेनिंग

फोर्स को खोजी अभियानों में और अधिक कुशल बनाने के लिए पाकिस्तान की के-पी पुलिस ने आदिवासी और इसके आस-पास के क्षेत्रों में तैनाती के लिए बटालियन में महिला कमांडो को शामिल करने का निर्णय लिया है.

के-पी पुलिस बटालियन में शामिल होंगी महिला कमांडो, 4 महीने तक दी जाएगी कड़ी ट्रेनिंग
आदिवासी और आस-पास के क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मियों की भारी कमी

पेशावर: फोर्स को खोजी अभियानों में और अधिक कुशल बनाने के लिए पाकिस्तान की के-पी पुलिस ने आदिवासी और इसके आस-पास के क्षेत्रों में तैनाती के लिए बटालियन में महिला कमांडो को शामिल करने का निर्णय लिया है. ये कठोर प्रशिक्षित कमांडो जल्द ही के-पी पुलिस में शामिल होने के लिए तैयार होंगे और आतंकवादियों और आपराधिक संस्थाओं के खिलाफ सभी मोर्चो पर बल की सहायता करेंगे.

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने के-पी पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. नईम खान के हवाले से कहा, "आदिवासी और आस-पास के क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मियों की भारी कमी है. इसके चलते आदिवासी परिवारों में खोज अभियान चलाने की हमारी क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है. यहां परिवार से बाहर के पुरुषों को महिलाओं के स्थानों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है."

उन्होंने आगे कहा, "इन कुशल महिला कमांडो को हमारी सेनाओं में शामिल करने के साथ ही हम आदिवासी रीति-रिवाजों और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए वहां घरों में छापेमारी के दौरान उनकी उपस्थिति को अनिवार्य करेंगे."

खान के अनुसार, महिला कमांडो के दो बैच पहले ही अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं. अब उनकी तैनाती कभी भी की जा सकती है. चार महीने के कठोर प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद कुल 69 महिला कमांडो को अंत में के-पी पुलिस बटालियन में शामिल किया जाएगा. इस ट्रेनिंग में उन्नत हथियार और मार्शल आर्ट सहित अन्य प्रशिक्षण शामिल हैं.