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सौभाग्य का त्यौहार है हरियाली तीज, जानें शुभ मुहूर्त और कैसे करें पूजा-अर्चना

ऐसी मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन शिव और पार्वती का पुर्नमिलन हुआ था.  मां-पार्वती के 108वें जन्म में उन्हें भगवान शंकर पति के रूप में मिले.

सौभाग्य का त्यौहार है हरियाली तीज, जानें शुभ मुहूर्त और कैसे करें पूजा-अर्चना
इस त्यौहार के लिए महिलाए 16 श्रृंगार करती हैं.

नई दिल्ली: हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास त्यौहार है. सौभाग्य के इस त्यौहार को हिंदू महिलाएं बड़ी धूम-धाम से मनाती है. इस त्यौहार के लिए महिलाए 16 श्रृंगार करती है और सच्चे मन से मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा करती हैं. इस 3 अगस्त को हरियाली तीज का पर्व है. 

कब मनाई जाती है हरियाली तीज
हरियाली तीज का पर्व हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है. इस बार हरियाली तीज 3 अगस्त को है.

इसलिए मनाया जाता है ये त्यौहार
ऐसी मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन शिव और पार्वती का पुर्नमिलन हुआ था.  मां-पार्वती के 108वें जन्म में उन्हें भगवान शंकर पति के रूप में मिले. इसलिए 107 जन्मों तक मां-पार्वती भगवान शंकर को पाने के लिए पूजा करती रहीं. ये कहा जा सकता है कि मां पार्वती को भगवान शिव ने उनके 108वें जन्म में स्वीकारा था.

पूजा का शुभ मुहूर्त 
हरियाली तीज के दिन पूजा का शनिवार सुबह 07 बजकर 06 मिनट से शुरू होगी. वैसे तो सारे दिन ही महिलाएं पूजा कर सकती हैं, लेकिन शुभ मुहूर्त दोपहर 3 बजकर 31 मिनट से रात 10 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. इस दौरान महिलाएं भगवान शिव की अगर पूजा करेंगे तो वह बेहद फलदायी है.

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हरियाली तीज की पूजा विधि 
- सुबह उठकर स्‍नान करने के बाद मन में व्रत का संकल्‍प लें. 
- सबसे पहले घर के मंदिर में काली मिट्टी से भगवान शिव शंकर, माता पार्वती और गणेश की मूर्ति बनाएं. 
- अब इन मूर्तियों को तिलक लगाएं और फल-फूल अर्पित करें.
- फिर माता पार्वती को एक-एक कर सुहाग की सामग्री अर्पित करें. 
- इसके बाद भगवान शिव को बेल पत्र और पीला वस्‍त्र चढ़ाएं. 
- तीज की कथा पढ़ने या सुनने के बाद आरती करें. 
- अगले दिन सुबह माता पार्वती को सिंदूर अर्पित कर भोग चढ़ाएं. 
- प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रत का पारण करें.