close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मध्य प्रदेश: मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने उज्जैन की क्षिप्रा नदी में लगाई आस्था की डुबकी

इस बार सूर्य 14 जनवरी की शाम को उत्तरायण करेगा, जिसके चलते यह योग 15 जनवरी तक रहेगा, यही कारण है कि इस बार मकर संक्रांति एक नहीं बल्कि दो दिनों तक मनाई जाएगी.

मध्य प्रदेश: मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने उज्जैन की क्षिप्रा नदी में लगाई आस्था की डुबकी

उज्जैनः मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2019) के मौके पर मध्य प्रदेश के उज्जैन की क्षिप्रा नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली. इस मौके पर प्रदेश के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों से उज्जैन पहुंचे श्रद्धालुओं ने यहां क्षिप्रा नदी में डुबकी लगाई और सूर्य देव को अर्घ्य दिया. इसके साथ ही देश की अन्य पवित्र नदियों में भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और सूर्य देव की आराधना की. बता दें इससे पहले क्षिप्रा नदी के कीचड़ में बदलने पर संभागायुक्त और जिलाधिकारी पर गाज गिरी थी, जिसके बाद नदी की सफाई करवाई गई और मकर संक्रांति में इसे श्रद्धालुओं के स्नान लायक बनाया गया. बता दें उज्जैन की क्षिप्रा नदी में शनिश्चरी अमावस्या पर श्रद्धालुओं के कीचड़ युक्त पानी में स्नान का मामला सामने आया तो संभागायुक्त और जिलाधिकारी को ही हटा दिया गया था.

Makar Sankranti 2019: जानें, मकर संक्रांति पर क्यों उड़ाई जाती है पतंग, क्या है खिचड़ी का महत्व

बता दें मकर संक्रांति का मुहूर्त इस बार 14 जनवरी (सोमवार) की शाम से शुरू होगा जो कि 15 जनवरी तक रहेगा, जिसके चलते इस बार एक नहीं बल्कि दो दिनों तक मकर संक्रांति मनाई जाएगी. बता दें इस बार सूर्य 14 जनवरी की शाम को उत्तरायण करेगा, जिसके चलते यह योग 15 जनवरी तक रहेगा, यही कारण है कि इस बार मकर संक्रांति एक नहीं बल्कि दो दिनों तक मनाई जाएगी. वहीं सूर्य के उत्तरायण होने से खरमास भी समाप्त हो जाएगा, जिसके चलते अब मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे.

मकर संक्रांति 2019: जानें क्यों मनाते हैं संक्रांति, क्या हैं इसके मायने ?

वहीं प्रदेश में क्षिप्रा नदी को लेकर छिड़े विवाद को लेकर कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष सैयद जाफर ने कहा, "बीते 15 वर्षो में क्षिप्रा इतनी अविरल, निर्मल व स्वच्छ कभी नजर नहीं आई, जितनी अब है. कमलनाथ सरकार की सख्ती और संवेदनशीलता के बाद आज क्षिप्रा नदी स्वच्छ, सुंदर व मनमोहक नजर आ रही है. क्षिप्रा में स्वच्छ पानी आने से नजारा ही बदल गया है. पानी की अधिक गहराई का संदेश देने वाले सूचना पटल लगाए गए हैं, जगह-जगह सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं."