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मोहम्मद शमी को समझ नहीं आ रही थी अंग्रेजी, फिर कोहली ने ऐसे की मदद

मैन ऑफ द मैच शमी ने कहा कि टीम का हर खिलाड़ी एक दूसरे की सफलता का लुत्फ उठा रहा है. 

मोहम्मद शमी को समझ नहीं आ रही थी अंग्रेजी, फिर कोहली ने ऐसे की मदद
मैदान के बाहर भी टीम इंडिया की जुगलबंदी नजर आई...

नेपियर: टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को बुधवार को पहले वनडे में आठ विकेट से मात दी. गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए किवी टीम को 157 रनों पर ही ढेर कर दिया. कुलदीप ने इस मैच में चार विकेट लिए तो वहीं शमी ने तीन विकेट अपने नाम किए. मैच के बाद प्रजेंटेंशन के दौरान शमी से प्रजेंटेंटर ने कुछ सवाल पूछे. शमी को अंग्रेजी समझने में थोड़ा दिक्कत महसूस हो रही थी. ऐसे में कप्तान विराट आगे आए और उन्होंने शमी के जवाब का अंग्रेजी अनुवाद करके उनका पक्ष सामने रखा. यानी मैदान के बाहर भी टीम इंडिया की जुगलबंदी नजर आई. 

मैन ऑफ द मैच शमी ने कहा कि टीम का हर खिलाड़ी एक दूसरे की सफलता का लुत्फ उठा रहा है. उन्होंने कहा, "अभी तक हमने जो कुछ भी हासिल किया वह टीम का प्रयास किया था. हम एक दूसरे की सफलता का लुत्फ उठाते हैं." उन्होंने कहा, "अगर हमारे पास प्लान-ए होता है और वो काम नहीं करता तो हमारे पास प्लान-बी होता है. एक गेंदबाजी ईकाई के तौर पर हम एक साथ मिलकर काम करते हैं."

शमी ने कहा कि चोटों ने उनके नजरिए में बदलाव किए हैं. उन्होंने कहा, "चोटों ने मेरा नजरिया बदला है. मैंने काफी लंबे समय बाद वापसी की और अच्छा समय बिताया."

विश्वकप के प्रबल दावेदार बनकर उभरे 
मोहम्मद शमी विश्व कप टीम में जगह बनाने के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं और फार्म में चल रहे इस भारतीय तेज गेंदबाज ने बुधवार को एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में सफल वापसी का श्रेय पिछले 12 महीने में टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन को दिया. शमी ने अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के साथ वनडे टीम में वापसी की थी. ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट और वनडे मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाले शमी ने न्यूजीलैंड में पहले एकदिवसीय मैच में भी धारदार गेंदबाजी करते हुए 19 रन देकर तीन विकेट चटकाए.

यह 28 वर्षीय तेज गेंदबाज फिटनेस और निजी जिंदगी के मुद्दों से उबरकर भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है. वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे कम मैचों में 100 विकेट चटकाने वाले भारतीय गेंदबाज बने शमी ने कहा, ‘‘यह लंबी यात्रा रही. मैं 2015 विश्व कप में खेला, इसके बाद चोटिल हो गया और मुझे उबरने में दो साल लगे. रिहैबिलिटेशन के बाद मैंने 2016 विश्व टी20 टीम में जगह बनाई. इसके कुछ समय बाद मेरे अंदर पूर्ण आत्मविश्वास आया और मैंने महसूस किया कि मैं पटरी पर लौट आया हूं.’’