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भारत में खेलना चाहती है पाकिस्तान की टॉप बैडमिंटन खिलाड़ी, यह बताई खास वजह

पाकिस्तान की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी अनुभव के लिए भारत आना चाहती हैं.

भारत में खेलना चाहती है पाकिस्तान की टॉप बैडमिंटन खिलाड़ी, यह बताई खास वजह
महूर शहजाद दुनिया की शीर्ष 200 बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं. (फोटो:Twitter /@mathlers)

कराची: अंतरराष्ट्रीय अनुभव से महरूम पाकिस्तान की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी महूर शहजाद ने अपने देश के खेल अधिकारियों से अपील की है कि बैडमिंटन खिलाड़ियों को कोचिंग और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए भारत भेजा जाए. लाहौर में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का एकल खिताब जीतने वाली महूर ने कहा कि भारत ने बैडमिंटन में काफी प्रगति की है.

महूर ने कहा, ‘‘बैडमिंटन में वे काफी मजबूत हैं और अब भारत में नियमित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बैडमिंटन महासंघ सहित हमारे खेल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने के लिए भारत जा पाएं.’’ 

भारतीय खिलाड़ी छाए हैं दुनिया भर में
पाकिस्तान के बैडमिंटन खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वहीं भारतीय बैड़मिंटन खिलाड़ी पिछले कई सालों से अंतराराष्ट्रीय मंच में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं. पीवी सिंधू, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणॉय, पारुपल्ली कश्यप जैसे कई भारतीय खिलाड़ी दुनिया भर में होने वाले टूर्नामेंट में लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. इसके अलावा कई टूर्नामेंटों में विजयी भी रहे हैं. 

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ओलंपिक में क्वालिफाई करना है लक्ष्य
महूर ने 2017 में पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का महिला एकल खिताब जीता था. महूर पिछले साल एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ खेलों में भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं.  उनका सपना अब अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाइ करना है. 

भारत में खेलने से यह होगा फायदा
महूर ने कहा, ‘ फिलहाल में पाकिस्तान की पहली खिलाड़ी हूं जो टॉप 200 रैंक में हूं. मुझे ओलंपिक में क्वालिफाई करने के लिए टॉप 70 में आना है. इसके लिए मैं चाहती हूं कि मुझे उच्च स्तर की कोचिंग, सुविधाएं मिलें जिससे मैं विभिन्न टूर्नामेंट में भाग ले सकूं” उन्होंने कहा, “ ओलंपिक के लिए मैंने पिछले दो सालों में इस क्षेत्र में कई अंतराराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भाग लिया है, लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत जा कर खेलना चाहिए.”

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भारत से सीखने में कोई बुराई नहीं
भारतीय बैडमिंटन व्यवस्था से सीखने में कुछ बुराई नहीं है. हममें क्षमता है लेकिन हमें सही सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उल्लेखनीय है कि भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंध पिछले 10 सालों से काफी खराब चल रहे हैं. साल 2008 में मुबंई में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सहित सभी खेल रिश्ते तोड़ लिए थे. अब दोनों देशों के बीच केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर दूसरे देशों में होने वाले टूर्नामेंटों में ही मुकाबले होते हैं. पिछले साल ही कॉमनवेल्थ खेलों में भारत और पाकिस्तान के बीच बैडमिंटन मुकाबले हुए थे जिन्हें भारत ने आसानी से जीत लिए थे.