INDvsNZ : मैच से पहले बोले कोहली, 'हम 300 रन से ज्यादा के स्कोर पर घबराएंगे नहीं'

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने न्यूजीलैंड में भी फतह हासिल करने के लिए अपने अपने गेंदबाजों को अहम सलाह दी है.

INDvsNZ : मैच से पहले बोले कोहली, 'हम 300 रन से ज्यादा के स्कोर पर घबराएंगे नहीं'
पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच आज मेक्लेन पार्क मैदान पर खेला जाएगा.

नेपियर: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली जानते हैं न्यूजीलैंड दौर पर छोटी बाउंड्रीज होने के कारण गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, यही कारण है कि उन्होंने अपने गेंदबाजों को शांत और संयमित रहते हुए अनुशासित गेंदबाजी करने की सलाह दी है. ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक सफलता के बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर है और सभी जानते हैं कि यहां मैदान छोटे होते हैं और इसी कारण बल्लेबाजों को फायदा मिलता जबकि गेंदबाजों के खाते में रन आते हैं. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच बुधवार को मेक्लेन पार्क मैदान पर खेला जाएगा. 

कोहली ने मैच से पहले मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, "आपको इस बात का पता होना चाहिए की यहां अधिकतर मैदानों पर साइड की बाउंड्री छोटी हैं, इसलिए आपको सही जगह गेंदबाजी करनी होगी. मुझे लगता है कि गेंदबाजों को शांत रहने की जरूरत है. अगर विकेट पर घांस नहीं हो तो गेंदबाजों को सोचना होगा कि उन्हें कहां गेंदबाजी करनी है. जो टीम ऐसा कर पाती है वह न्यूजीलैंड में सफल होती है, जहां मैदान काफी मायने रखता है."

कोहली ने साथ ही कहा है कि अगर न्यूजीलैंड लगातार 300 से ज्यादा का स्कोर करती है तो ऐसे में हमें घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, "अगर आप देखेंगे तो न्यूजीलैंड में बड़ा स्कोर करने की क्षमता है. इसलिए जरूरी है कि हम लगातार 300 के पार का स्कोर देख घबराएं नहीं. एक बल्लेबाजी ईकाई के तौर पर आपको एक साथ रहने की जरूरत है ताकि रन बनाए जा सकें. पिछली बार जब हम यहां खेले थे तब हमारे पास 300 के लक्ष्य का पीछा करते हुए शांत रहने की काबिलियत नहीं थी."

कोहली ने मंगलवार को ही आईसीसी अवार्डस में धमाल मचाते हुए आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर, आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर और आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर के तीनों खिताब जीतने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने हैं. उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी की बारिकियों को समझने से उन्हें कप्तानी में मदद मिली है. 

कोहली ने कहा, "आपको कहीं न कहीं पता होता है कि एक बल्लेबाज के तौर पर आपको क्या करना है. आप कई बार सोचते हो कि आपको परेशानी में निकलने से किस तरह का शॉट खेलना है. एक बल्लेबाज होते हुए टीम की कप्तानी करना आपको काफी मदद करता है क्योंकि आप सोच सकते हो कि बल्लेबाज क्या कर सकता है. यह बड़ी बात है."