Khumbu Ice Fall: एवरेस्ट पर पोलिश पर्वतारोही के साथ चढ़ाई के दौरान लापता हुए 52 वर्षीय नेपाली शेरपा गाइड दावा शेरपा 6 दिन बाद जिंदा मिले. जब परिवार उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर चुका था, तब कचरा साफ करने वाली टीम ने उन्हें बर्फ में खोज निकाला. बिना भोजन, पानी या अतिरिक्त ऑक्सीजन के उनका बचना एक चमत्कार से कम नहीं है.
First Afghan Woman to Conquer Mount Everest: तालिबान सरकार की सत्ता में वापसी के बाद अफगानिस्तान ने कई क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं. तालिबान सरकार ने अपनी कई नीतियों में बड़ा बदलाव किया है. इस बीच अफगान की जकिया अहमद ने कड़ी मुश्किलों के बावजूद दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंच कर ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है.
Mount Everest Death Zone Danger: माउंट एवरेस्ट में हर साल सैकड़ों लोग चढ़ाई करने जाते हैं, जिनमें से कईयों की यहां मौत भी हो जाती है. दुनिया की इस सबसे बड़ी चोटी में एक डेथ जोन है. यहां पहुंचने के बाद निकलना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है. आखिर क्या है ये डेथ जोन?
माउंट एवरेस्ट पर चोटी के पास के इलाके को 'डेथ जोन' कहा जाता है क्योंकि वहां तक सबके लिए पहुंचना या उतरना आसान नहीं होता है. हैदराबाद के अरुण कुमार तिवारी अब हमेशा के लिए वहीं सो गए हैं.
दुनिया भर के पर्वतारोहियों की पहली पसंद दुनिया की सबसे ऊंचे माउंट एवरेस्ट को फतह करना होता है. दुनिया में कई ऊंची चोटियां हैं, लेकिन पर्वतारोहियों की पहली पसंद सबसे ऊंची इस चोटी को फतह करना होता है. आइए आपको इसकी वजह बताते हैं...
माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना न केवल मुश्किल काम है, बल्कि यह बेहद खतरनाक है. इस सीजन में सबसे अधिक पर्वतारोही एक दिन में ही बड़ी संख्या में माउंट एवरेस्ट फतह के लिए पहुंच गए. हालांकि, वहां से वापस आते समय दो भारतीयों समेत 5 लोगों की मौत हो गई. विशेषज्ञों का मानना है कि कई ऐसी वजहें हैं, जिसके कारण माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करना मुश्किल होता है.
इस सीजन में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों ने एक बड़ा रिकॉर्ड स्थापित किया है. बुधवार को केवल एक ही दिन में करीब 274 पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट को फतह किया. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं...
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने का सपना हर पर्वतारोही देखता है. बर्फीली हवाएं, बादलों के ऊपर चलने का रोमांच और शिखर पर खड़ा इंसान सब कुछ किसी फिल्मी दृश्य जैसा लगता है. लेकिन इस सपने के रास्ते में एक ऐसा इलाका आता है, जहां कदम रखते ही जिंदगी की डोर ढीली पड़ने लगती है. यहां सांस लेना मुश्किल होता है, दिमाग साथ छोड़ने लगता है और शरीर जवाब देने लगता है. यही वजह है कि पर्वतारोहियों के बीच इस हिस्से को ‘लाशों की सड़क’ कहा जाता है. यह जगह है एवरेस्ट का ‘डेथ जोन’, जिसे पार करना सीधी मौत को चुनौती देने जैसा माना जाता है.
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित जयनगर शहर के निवासियों ने कथित तौर पर अपने घरों से हिमालय की शानदार चोटियों को देखा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सत्यम राज नामक यूजर द्वारा साझा किए गए एक वायरल वीडियो में यह अद्भुत दृश्य दिखाई दे रहा है. वीडियो साझा करने वाले ने दावा किया है कि यह नेपाल में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट है, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर होने के बावजूद साफ नजर आ रही है. इस वायरल वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर यूजर्स काफी खुश और आश्चर्यचकित हैं. कई यूजर्स ने इस खूबसूरत नजारे की तारीफ की और बिहार को एक सुंदर राज्य बताया है.
Tibet Snowstorm: तिब्बत के पूर्वी हिस्से में अचानक बर्फीले तूफान आने से लगभग 1000 लोग फंस गए हैं. बर्फबारी माउंट एवरेस्ट की ढलानों पर आया. शुक्रवार शाम से शुरू हुई बर्फबारी शनिवार रात तक लगातार चलती रही है. इसको लेकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.
Mount Everest New Climbing Rules: नेपाल में माउंट एवरेस्ट समेत 8 हजार मीटर ऊंची चोटियों पर चढ़ाई करना अब महंगा हो गया है. नेपाल सरकार ने इस रॉयल्टी फीस में भारी भरकम बढ़ोतरी कर दी है.
Arunima Sinha: पढ़ें एवरेस्ट फतह करने वालीं अरुणिमा सिन्हा की बेमिसाल और प्रेरणादायक कहानी. उनका जन्मदिन 20 जुलाई को है.
विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने के असाधारण कार्य के बाद पावटा साहिब महाविद्यालय की छात्रा राष्ट्रीय कैडेट कोर की सदस्य 17 वर्षीय कृतिका आज पांवटा साहिब लोटी. यहां लौटने पर महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट, महाविद्यालय के विद्यार्थियों और शहर वासियों ने कृतिका का भव्य स्वागत किया.
शनिवार को नाहन में विभिन्न संस्थाओं द्वारा कृतिका शर्मा को सम्मानित किया गया जिसके बाद कृतिका ने यहां चल रही राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में भी शिरकत की जहां कबड्डी एसोसिएशन और खिलाड़ियों द्वारा कृतिका का स्वागत कर उसे सम्मानित किया गया.
NCC cadets climb Mount Everest: नेशनल कैडेट कोर (NCC) की एक युवा पर्वतारोही टीम ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी 'माउंट एवरेस्ट'(Mount Everest) पर सफल चढ़ाई की है, जिसमें 5 लड़के और 5 लड़कियां शामिल थीं.
Mount Everest news: विषैले सांप पहले इस तरह इतनी तादाद में नहीं दिखते थे. इसलिए लोगों में दहशत का माहौल है. एक्सपर्ट का मानना है कि माउंट एवरेस्ट से महज 100 से 150 किलोमीटर दूर, आश्चर्यजनक रूप से इन सांपों की मौजूदगी एक चेतावनी भरा संकेत है.
Haryana News: पंचकुला के रहने वाले आर्यन ने 5,364 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर चढ़कर तिरंगा फहराया है. आर्यन की उम्र महज 8 साल है. ऐसा करके आर्यन ने युवाओं को नशे छोड़ने का संदेश दिया है.
First Blind Woman who Climbed Mount Everest: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के एक सुदूर गांव चांगो की रहने वाली चोंजिन अंगमो देश की पहली दृष्टिहीन महिला बनीं, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट फतह किया है.
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह करना हर पर्वतारोही का सपना होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सपने को पूरा करने के लिए कितने रुपये खर्च करने पड़ते हैं?
Mount Everest: दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों के मार्गदर्शकों में शामिल कामी रीता रविवार को काठमांडू से माउंट एवरेस्ट के लिए रवाना हुए हैं. बता दें कि वो एक बार फिर अपना रिकॅार्ड तोड़ने का प्रयास करेंगे.
Mount Everest: नेपाल ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की ख्वाहिश रखने वालों को बड़ा झटका दिया है. नेपाल कैबिनेट ने बड़ा आदेश जारी करते हुए परमिट शुल्क में 36 फीसद का इज़ाफा कर दिया है. साथ ही 75 दिनों की अवधि को घटाकर 55 दिन कर दिया है.
Everest climbing tips: नरेंद्र ने कहा कि माउंट एवरेस्ट मजाक नहीं है. उन्होंने बताया कि बिना उचित शारीरिक और मानसिक तैयारी के एवरेस्ट पर चढ़ना जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि एवरेस्ट पर लाशें पड़ी होती हैं.