ZEE Jankari: बजट में पैसा कहां से आता है और ख़र्च कहां पर होता है

यहां आपके लिए ये जानना भी ज़रूरी है कि सरकार के पास पैसा आता कहां से है...और ख़र्च कहां पर होता है. हमने 100 रुपये के हिसाब से सरकार के Account का DNA टेस्ट किया है. सबसे पहले सरकार के राजस्व की बात करते हैं. मान लीजिए वित्त वर्ष 2019-2020 में अगर सरकार 100 रुपये कमाने का लक्ष्य रखती है...तो Goods & Services Tax यानी GST से सरकार को 21 रूपये मिल सकते हैं.

ZEE Jankari: बजट में पैसा कहां से आता है और ख़र्च कहां पर होता है

यहां आपके लिए ये जानना भी ज़रूरी है कि सरकार के पास पैसा आता कहां से है...और ख़र्च कहां पर होता है. हमने 100 रुपये के हिसाब से सरकार के Account का DNA टेस्ट किया है. सबसे पहले सरकार के राजस्व की बात करते हैं. मान लीजिए वित्त वर्ष 2019-2020 में अगर सरकार 100 रुपये कमाने का लक्ष्य रखती है...तो Goods & Services Tax यानी GST से सरकार को 21 रूपये मिल सकते हैं.

Corporate Tax से भी सरकार को 21 रुपये मिलने का अनुमान है.

आयकर से सरकार 17 रुपये की आमदनी हो सकती है.

Customs Duty से सरकार को 4 रुपये मिल सकते हैं.

जबकि Excise Duty से सरकार को 7 रुपये मिलने का अनुमान है.

Non Tax income का हिस्सा 8 रुपये हो सकता है.

इसके अलावा Non-debt capital receipts से सरकार को 3 रुपये मिल सकते हैं.

बाकी बचे हुए 19 रुपये सरकार को उधार लेने पड़ेंगे.

अब सरकार के ख़र्च की बात करें तो 100 रुपये में से 23 रुपये राज्यों को Tax और Duty के हिस्से के तौर पर दिए जाएंगे. जबकि 21 रुपये केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं पर खर्च होंगे.

18 रुपये सरकार की जेब से ब्याज का भुगतान करने में चला जाएगा.

रक्षा क्षेत्र पर सरकार 100 में से 8 रुपये खर्च करेगी. जबकि Subsidy पर सरकार 9 रुपये खर्च करेगी. इसके अलावा वित्त आयोग को 8 रुपये दिए जाएंगे. पेंशन देने में 5 रुपये का खर्च आएगा और अन्य खर्च होगा - 8 रुपये.  इस अंतरिम बजट में रक्षा के क्षेत्र के लिए कई बड़े ऐलान किए गये हैं.

वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए रक्षा बजट 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है. और ये भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है. वर्ष 2018 में रक्षा बजट को 2 लाख 74 हज़ार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख 95 हज़ार करोड़ रुपए कर दिया गया था.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने ये भी कहा, कि अगर जरूरत पड़ी तो रक्षा बजट के लिए अतिरिक्त फंड भी मुहैया कराया जाएगा. रक्षा क्षेत्र में बजट की अधिक राशि की मांग काफी समय से थी और इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार ये कदम उठाया गया है.

इसकी दूसरी वजह ये भी है, कि हमारे पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान लगातार अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा कर रहे हैं. चीन ने अपने रक्षा बजट में जबरदस्त वृद्धि की थी. ऐसे में भारत के लिए इस दिशा में ज़ोर लगाना ज़रूरी है.

बजट के विश्लेषण में अब रेलवे से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें सुन लीजिए....
अंतरिम बजट में रेलवे के विकास कार्यों के लिए 64 हज़ार 587 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
इसके अलावा आने वाले वर्षों में रेलवे पर 1 लाख 58 हज़ार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है.

रेल बजट में पूर्वोत्तर भारत का खास ख्याल रखा गया है. बजट में पूर्वोत्तर के राज्यों में रेलवे के विकास के लिए सरकार ने 58 हज़ार 166 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है. रेलवे से जुड़े ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने रेलवे का घाटा कम किया है. इसके अलावा ये साल रेलवे के लिए सबसे सुरक्षित रहा है. बड़ी रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है. औक देश में सभी broad gauge railway lines से मानवरहित क्रॉसिंग को खत्म किया जा चुका है.