वियतनाम में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायड्र ने कहा- 'हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति जरुरी'

आपको बता दें कि, हिंद-प्रशांत एक जैव भौगोलिक क्षेत्र है और इसमें हिंद महासागर और मध्य एवं पश्चिमी प्रशांत महासागर सहित दक्षिण चीन सागर सम्मिलित हैं.

वियतनाम में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायड्र ने कहा- 'हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति जरुरी'
नायडू वियतनाम की चार दिवसीय यात्रा पर आये हुये है. (फोटो साभार: ANI)

हनोई: भारत और वियतनाम ने शुक्रवार को राष्ट्रीय संप्रभुता एवं अंतरराष्ट्रीय विधियों के पालन के माध्यम से हिंद प्रशांत क्षेत्र को शांतिपूर्ण एवं समृद्ध बनाने की महत्त्ता को दोहराया. उपराष्ट्रपति वैंकेया नायड्र की अपने वियतनामी समकक्ष से द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग के कई बिंदुओं पर हुई बातचीत में यह बात सामने आई. नायडू इस दक्षिणपूर्वी एशियाई देश की चार दिवसीय यात्रा पर आये हुये है. 

उन्होंने कहा कि दोनों देश के मध्य सशक्त द्विपक्षीय संबंध परस्पर विश्वास, समझ, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का अभिसरण बना हुआ है. नायडू ने कहा, ‘‘मैं वियतनाम आकर अति प्रसन्न हूं, एक सभ्यतागत मित्र एवं विश्वसनीय साझीदार, भारत की पूर्व की ओर देखो नीति का एक रणनीतिक स्तंभ और आसियान में हमारा विशिष्ट वार्ताकार.’’ विदेश मंत्रालय के यहां जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है.

इसके अनुसार उपराष्ट्रपति और उनके वियतनामी समकक्ष दांग थी नगोक थिन्ह ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को राष्ट्रीय संभुप्रता एवं अंतरराष्ट्रीय विधियों के अनुपालन के आधार पर एक शांतिपूर्ण एवं समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विकास की महत्ता को दोहराया.

चीन के साथ चल रहा है विवाद
विदित हो कि हिंद-प्रशांत एक जैव भौगोलिक क्षेत्र है और इसमें हिंद महासागर और मध्य एवं पश्चिमी प्रशांत महासागर सहित दक्षिण चीन सागर सम्मिलित हैं. चीन का दावा है कि संपूर्ण दक्षिण चीन सागर उसका है जबकि ब्रुनेई, मलेशिया और फिलीपींस, वियतनाम और ताईवान भी इसके किनारे बसे हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं के मध्य बातचीत ‘‘विस्तार एवं उत्पादक’’ रही.

संबंधों को मजबूत करने पर बनी सहमति
नायडू ने कहा, ‘‘"हमारी चर्चाओं में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग की पूरी श्रृंखला सम्मिलित हुई. हम रक्षा और सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण प्रयोग और बाह्य अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तेल एवं गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, अवसंरचना विकास, कृषि और नवाचार आधारित क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग को और सशक्त बनाने पर सहमत हुए हैं." 

भारत आने का दिया निमंत्रण
उपराष्ट्रपति ने कहा, "हमारा द्विपक्षीय व्यापार पिछले साल लगभग 14 अरब अमेरिकी डॉलर था जो तीन साल पहले के लगभग 7.8 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना हो गया है. मुझे विश्वास है कि हम 2020 तक 15 अरब अमेरिकी डॉलर के अपने द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे.’’ उपराष्ट्रपति नायडू ने अपने वियतनामी समकक्ष को भारत आने का निमंत्रण दिया.