Israel-Gaza War: 'मोसाद' की नहीं मान रहा हमास, अमेरिका की नहीं सुन रहा इजरायल, आफत में 10 लाख लोगों की जान
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Israel-Gaza War: 'मोसाद' की नहीं मान रहा हमास, अमेरिका की नहीं सुन रहा इजरायल, आफत में 10 लाख लोगों की जान

Israel: जबसे इजरायल के पीएम नेतान्याहू ने ऐलान किया कि हम किसी का कहना नहीं मानेंगे. हम हमास को खत्म करने के लिए राफा में भी जमीनी हमला करने वाले हैं. ‌इसके बाद 10 लाख लोगों की जान आफत में आ गई है. आइए अब जानते हैं पूरा मामला.

Israel-Gaza War: 'मोसाद' की नहीं मान रहा हमास, अमेरिका की नहीं सुन रहा इजरायल, आफत में 10 लाख लोगों की जान

Israel Hamas War: अमेरिका ने इजरायल को लाख समझाया कि रमजान के दिनों में जंग रोक दो, लेकिन इजराइल नहीं माना. इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख ने हमास के लोगों को समझाया कि मान जाओ और बंधक को छोड़ दो लेकिन हमास नहीं मान रहा. इस बीच इजरायल अब गाजा के पश्चिमी इलाके राफा में जमीनी हमले करने की प्लानिंग कर रहा है. इस पर अमेरिका ने चिंता जताई है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि वह गाजा सिटी और खान यूनिस की तरह ही राफा में बड़ा होने वाले हमले से परेशान हैं. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने इसकी जानकारी दी है. 

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मोसाद का हमास ने नहीं माना कहना
उधर शांति वार्ता के लिए कतर में गए इजरायली प्रतिनिधिमंडल वापस तेल अवीव लौट आया. इस टीम को खुद मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया कर रहे थे. बातचीत में इजरायल ने हमास का कहना नहीं माना. इसके लिए कतर और मिस्र जैसे देश लगे थे कि आपस में सुलह हो जाए. लेकिन मोसाद को हमास की मांग अनुचित लगी. और जो मोसाद ने हमास से कहा वह नहीं माने. यानी दोनों देश अपनी मांगों पर अड़े हैं. 

अमेरिका ने फिर इजरायल को समझाया
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इस सप्ताह के अंत में मिस्र का दौरा करेंगे और इजरायल तथा हमास के बीच चल रही शांति वार्ता की समीक्षा करेंगे. अमेरिका ने पहले ही इजरायल से कहा है कि वह राफा में किसी भी जमीनी हमले का समर्थन नहीं करेगा क्योंकि इससे बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों का जीवन प्रभावित होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन पहले ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीधे टेलीकॉल में राफा ऑपरेशन के संबंध में अपने देश के रुख के बारे में बता चुके हैं.

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राफा में दस लाख लोगों की जान आफत में
राफा में अभी दस लाख से ज्यादा शरणार्थी रह रहे हैं, जो गाजा सिटी और खान यूनिस से जान बचाकर रफा पहुंचे हैं. अब अगर इजरायल राफा में भी सैन्य कार्रवाई करता है तो फिर ये शरणार्थी कहां जाएंगे? गाजा के कई बड़े शहर पहले ही युद्ध में तबाह हो चुके हैं. इजरायल ने अमेरिका और दुनिया को राफा पर हमले की कोई योजना भी नहीं बताई है कि वो किस तरह से राफा में हमास को निशाना बनाएंगे.

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सुलिवन ने कहा कि राफा, मिस्त्र की सीमा पर स्थित है और अगर राफा के रास्ते ही गाजा में मानवीय मदद पहुंचाई जा रही है. अगर राफा पर ही सैन्य कार्रवाई होती है तो इससे गाजा में गंभीर मानवीय संकट पैदा हो जाएगा और जंग का दर्द झेल रहे लोगों को मानवीय मदद भी नहीं मिल पाएगी और इजरायल की पूरी दुनिया में थू थू होगी. 

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