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अमेरिका में खाने के पड़े लाले, तकलीफ देख पसीजा सिख समुदाय का दिल, कहा- 'हम हैं न'

इंडियाना टीएसए के संघीय सुरक्षा निदेशक आरोन भट्ट ने कहा, 'हम निस्वार्थ सेवा और सहयोग के लिये सिख समुदाय के आभारी हैं."

अमेरिका में खाने के पड़े लाले, तकलीफ देख पसीजा सिख समुदाय का दिल, कहा- 'हम हैं न'
संघीय सरकार ने सोमवार को फिर से कामकाज शुरू कर दिया है.(फोटो- @SikhNet)

वॉशिंगटन: अमेरिका के इंडियाना प्रांत में सिख समुदाय ने बंद से प्रभावित संघीय परिवहन और सुरक्षा से जुड़े कर्मचारियों को भारतीय खाना और उपहार बांटे. अमेरिका में करीब 35 दिनों तक सरकारी कामकाज आंशिक रूप से बंद रहा जिसकी वजह से इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है. परिवहन सुरक्षा प्रशासन (टीएसए) अमेरिका के आंतिरक सुरक्षा विभाग की एक एजेंसी है, जिस पर आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है.  इसका गठन 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों के बाद किया गया था. संघीय सरकार ने सोमवार को फिर से कामकाज शुरू कर दिया है, लेकिन कर्मचारियों को वेतन मिलने में अभी कुछ दिन का समय लग सकता है.

इंडियाना टीएसए के संघीय सुरक्षा निदेशक आरोन भट्ट ने कहा, 'हम निस्वार्थ सेवा और सहयोग के लिये सिख समुदाय के आभारी हैं." उन्होंने सोमवार को कहा, "टीएसए से जुड़े पुरुष और महिलाएं बेहद मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं. पता नहीं है कि कब उन्हें वेतन दिया जाएगा.

इसके बावजूद वह इस अनिश्चितता को देश की परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा के हमारे मिशन में आड़े नहीं आने दे रहे हैं." सिख समुदाय के नेता गुरिंदर सिंह खालसा के नेतृत्व में फिशर शहर के स्थानीय लोगों ने करीब 250 टीएसए कर्मचारियों को करीब छह हजार अमेरिकी डॉलर की रकम के उपहार और खाद्य सामग्री खरीदने के लिये कार्ड बांटे. 

सिंह ने कहा, "हमें खुद को उनकी जगह रखकर उनके संघर्षों को समझने की जरूरत है. सिखों की संख्या कम हो सकती है लेकिन वे काफी भाग्यशाली हैं. हम में से प्रत्येक व्यक्ति को अमेरिकी मूल्यों का अनुसरण करते हुए जरूरतमंद पड़ोसियों के लिए नि: स्वार्थ सेवा करने की जरूरत है. उम्मीद है कि इससे लोगों को मानवीय जररूतों के लिये आगे आने की प्रेरणा मिलेगी." 

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आंशिक सरकारी बंदी से जूझ रहे व्हाइट हाउस ने संघीय कर्मचारियों का वेतन देने की अगली अंतिम तारीख नजदीक आते हुए देख इस गतिरोध को खत्म करने का नया तरीका अपनाया है. वह अब सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी को दरकिनार कर पार्टी के अन्य सदस्यों और सांसदों से सीधी बातचीत करने की कोशिश में लगा हुआ है. लेकिन मुद्दा अभी भी वही है, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए धन देने की अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. वह कई सप्ताह से जारी आंशिक सरकार बंदी को लंबे वक्त तक चलने देना चाहते हैं.

राष्ट्रपति बंद के 25वें दिन भी दीवार के लिए 5.7 अरब डॉलर की मांग पर अड़े हुए हैं. वहीं डेमोक्रैट्स का कहना है कि सरकार का कामकाज पूरी तरह से बहाल होने पर पार्टी सीमा सुरक्षा पर चर्चा करेगी. लेकिन पेलोसी दीवार के लिए पैसे की मांग को अप्रभावी और अनैतिक बताकर उसे खारिज कर रही हैं.

ट्रंप ने समर्थकों के साथ एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर अपनी जिद से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए. उन्होंने कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो हम लंबे समय तक बाहर रखेंगे. हम लंबे समय तक बाहर रह सकते हैं.’’ सरकार के आंशिक रूप से ठप पड़े काम के दौरान करीब 8,00,000 सरकारी कर्मचारी बिना वेतन के काम कर रहे हैं या उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया है.

ट्रंप ने कहा, ‘‘लोग इससे खुश हैं कि ऐसी स्थिति से सरकार कैसे निपट रही है.’’ वहीं प्रशासन को उम्मीद है कि वह अगले सप्ताह मंगलवार को अंतिम तारीख से पहले इस गतिरोध का हल निकाल लेंगे. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता मर्सिडीज श्लैप ने कहा, ‘‘हम सबको समझ आ रहा है कि समय खत्म हो रहा है और हमें उससे पहले इसे सुलझाना है.

इसकी अंतिम तारीख अगले सप्ताह मंगलवार है.’’ व्हाइट हाउस ने मंगलवार को सांसदों को दोपहर के भोजन पर बुलाया था, पेलोसी ने वहां पहुंचने वाले सांसदों को अपनी शुभकामनाएं दी. दूसरी ओर आंतरिक राजस्व सेवा बंद के कारण छुट्टी पर भेजे गए लगभग 46,000 कर्मचारियों को वापस बुला रही है ताकि आयकर टैक्स रिटर्न और रिफंड (आईटीआर) का काम पूरा किया जा सके.इन कमर्चारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा. लोगों को आयकर रिफंड का काम आधिकारिक तौर पर 28 जनवरी से शुरू होना है. ट्रंप प्रशासन ने लोगों से समय पर रिफंड देने का वादा किया है.

इनपुट भाषा से भी