Zee Rozgar Samachar

एक ऐसे राष्ट्रपति जो 30 साल से सत्ता छोड़ने को नहीं थे राजी, पहुंच गए जेल

गौरतलब है कि सूडान में अल बशीर के शासन के खिलाफ करीब चार महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. इससे इस तरह के अंदेशे थे वह सत्ता छोड़ने के लिए राजी नहीं है और उन्हें सेना हटा सकती है.

एक ऐसे राष्ट्रपति जो 30 साल से सत्ता छोड़ने को नहीं थे राजी, पहुंच गए जेल
.(फाइल फोटो)

खार्तूम: सूडान में पिछले हफ्ते सेना द्वारा तख्तापलट किए जाने के बाद अपदस्थ राष्ट्रपति उमर अल बशीर को अब यहां की एक जेल में भेज दिया गया है. उनके परिवार के एक सूत्र ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्र ने बताया, "बीती रात बशीर को खार्तूम की कोबेर जेल में भेज दिया गया." बशीर का पिछले हफ्ते गुरुवार को सेना ने तख्तापलट कर दिया था. उनके शासन के खिलाफ करीब चार महीने पहले विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. सूडान के नए सैन्य शासकों ने कहा कि उन्हें (बशीर को) एक "सुरक्षित स्थान पर" रखा गया है. 

चार महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे
गौरतलब है कि सूडान में अल बशीर के शासन के खिलाफ करीब चार महीनों से सड़कों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. इससे इस तरह के अंदेशे थे वह सत्ता छोड़ने के लिए राजी नहीं है और उन्हें सेना हटा सकती है. पैन अरब टीवी नेटवर्क में कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है.

सूडान: राष्ट्रपति बशीर ने विवादास्पद कानून, आर्थिक हालात को माना विरोध का कारण
सूडान के पूर्व राष्ट्रपति उमर अल बशीर 

उन्होंने लोगों की फुटेज भी प्रसारित की है जो खरतौम में राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए और तालियां बजाते हुए राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहे थे. अल बशीर जो कि कई देशों के लिए अछूत बने थे, की तलाश दरफूर में अत्याचारों के लिए अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध अधिकरण को भी है. चश्मदीदों ने खरतौम में बताया कि शहर में सुबह से ही अहम इमारतों और स्थलों पर सेना की तैनाती की गई है. 

Zee News App: पाएँ हिंदी में ताज़ा समाचार, देश-दुनिया की खबरें, फिल्म, बिज़नेस अपडेट्स, खेल की दुनिया की हलचल, देखें लाइव न्यूज़ और धर्म-कर्म से जुड़ी खबरें, आदि.अभी डाउनलोड करें ज़ी न्यूज़ ऐप.