ZEE जानकारी: क्यों इस बार यूक्रेन के राष्ट्रपति चुनाव बेहद खास हो गए हैं

Ukraine के लोग अपनी वर्तमान सरकार से इतने नाराज़ हैं कि वो अब एक Comedian को अपने नये राष्ट्रपति के रूप में देखना चाहते हैं . 

ZEE जानकारी: क्यों इस बार यूक्रेन के राष्ट्रपति चुनाव बेहद खास हो गए हैं

राजनीति का एक पुराना सबक है कि जनता को इतना गुस्सा मत दिलाओ कि वो सत्ता बदलने पर आमादा हो जाएं . इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जब जनता में फैले असंतोष और गुस्से ने अपनी सरकारों को बदल दिया. और इसका ताज़ा उदाहरण है पूर्वी Europe के एक देश Ukraine की राजनीति. आजकल वहां पर राष्ट्रपति के चुनाव चल रहे हैं . Ukraine के लोग अपनी वर्तमान सरकार से इतने नाराज़ हैं कि वो अब एक Comedian को अपने नये राष्ट्रपति के रूप में देखना चाहते हैं . 

Ukraine में ग़रीबी और भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ा मुद्दा है. यहां के राष्ट्रपति Petro Poro-shenko ((पेत्रो पोरोशेंको)) पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप हैं . इन सारी समस्याओं को दूर करने के लिए वो Ukraine के एक मशहूर Comedian...वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं . वहां पर पहले चरण की वोटिंग में इस कॉमेडियन को सबसे ज़्यादा वोट मिले हैं . 21 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग होनी बाक़ी है . लेकिन उससे पहले ही Ukraine के ज़्यादातर लोग एक Comedian को अपना अगला राष्ट्रपति मान चुके हैं . यहां तक कि वहां की सेना भी इस Comedian को ही समर्थन दे रही है. इसलिए ये भी कहा जा रहा है कि क्या वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की सेना की कठपुतली हैं? 

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस चुनाव में सत्ता के बदलाव के पीछे Servant of the People नामक एक टेलिविज़न सीरीज़ की बहुत बड़ी भूमिका है . इसमें Ukraine की सत्ता के ख़िलाफ़ जनता के गुस्से को दिखाया गया है 

इस सीरीज़ में Ukraine का एक आम इंसान... वहां की सत्ता के खिलाफ़ संघर्ष करता है और चुनाव जीत कर Ukraine का राष्ट्रपति बन जाता है . 

इस आम इंसान के किरदार को Comedian... वोलोदिमीर ने निभाया है . उन्हें इस सीराज़ के नायक के रूप में पेश किया गया हैं . 

टेलिविज़न सीरीज़ की सफलता को देखकर उन्होंने अपनी पार्टी का नाम Servant of the People रखा है . अब देखना ये है कि वो राष्ट्रपति बनकर जनता के असली सेवक बनते हैं या नहीं ? क्योंकि उन पर ये आरोप हैं कि वो Ukraine के बड़े पूंजीपतियों की कठपुतली हैं. जिन्हें सिर्फ़ चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल किया गया है . 

भारत में भी ऐसे कई उदाहरण हैं जब कुछ अभिनेता सिनेमा के पर्दे का इस्तेमाल करके सत्ता के शीर्ष तक पहुंचे . देश के दो राज्य तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं . दक्षिण भारतीय फिल्मों के मशहूर अभिनेता M. G. Ramachandran... तमिलनाडु के और N. T. Rama Rao आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. कई बार ऐसा भी हुआ है जब हमारे फिल्मी हीरो...संसद और विधानसभा में पहुंचकर जनता को भूल गये और अपना अगला चुनाव हार गये. लेकिन हमारे देश में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता है जब किसी Comedian ने फिल्मी पर्दे की शोहरत को वोटों की ताक़त में बदल दिया हो . 
इस बार Ukraine में ये बदलाव हो सकता है.