सुशांत की मौत की तारीख बदलने से खुल सकता है राज़

सुशांत सिंह राजपूत की मौत की तारीख को यदि आप 14 जून की बजाय 13 जून कर दें तो हो सकता है कई ऐसे सूत्र हाथ लग जाएं जो इस कथित सुसाइड या फिर यूं कहें कि हाई प्रोफाइल मर्डर की सारी गुत्थी सुलझा देंगे.  

सुशांत की मौत की तारीख बदलने से खुल सकता है राज़

नई दिल्ली.    अब जब बात उठने लगी है कि सुशांत सिंह राजपूत केस डबल मर्डर से जुड़ा एक मामला है तो ज़ाहिर है मुंबई पुलिस की बेकरारी नज़र आने लगी है. देश भर में मुंबई पुलिस की जम कर छीछालेदर हो रही है लेकिन मुंबई पुलिस भी किसी 'बड़े' को बचाने में जी-जान झोंक रही है. 

 

महाराष्ट्र प्रशासन का रुख शक के दायरे में है

मुंबई पुलिस पूरी तरह से प्रोफेशनल बेईमानी पर उतर आई है ये जानते हुए भी कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ भी एक अपराध है. मुंबई पुलिस पूरी कोशिश कर रही है कि बिहार पुलिस जांच न कर पाए और अगर किसी तरह कर भी ले तो सही जांच न कर पाए.  सीबीआई इंक्वायरी से  इंकार करने वाले महाराष्ट्र के गृहमंत्री का एक और रूप सामने आ गया है जिसमें अब वे कहने लगे हैं कि बिहार पुलिस महाराष्ट्र में जांच कर सकती है या नहीं, इसकी वैधानिक अनुमति चेक करनी होगी. 

दिशा और सुशांत हैं डबल मर्डर के शिकार 

साफ़ दिखने लगा है कि दिशा और सुशांत के मर्डर्स में कनेक्शन है. सुशांत के मर्डर की जांच कर रही बिहार पुलिस ने ज्यों ही दिशा के ओपन एंड शट केस की तरफ हाथ बढ़ाया, मुंबई पुलिस हिल गई. और मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को न ही दिशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी, न ही घटनास्थल की वीडियोग्राफी, न ही पिक्स और न ही सीसीटीवी फुटेज. मुंबई पुलिस ने कहा नहीं हैं - अब नहीं हैं ये फाइलें, कम्प्यूटर से डिलीट हो गईं. मुंबई पुलिस ने जल्दबाज़ी में ऐसी गड़बड़ी करके एक राज़ और खोल दिया - ये डबल मर्डर मामला है!

 

13 जून को हुई हो सकती है ये हत्या 

अब जब दिशा मर्डर से सुशांत मर्डर के तार जुड़ रहे हैं तो हमें इस जांच को आसान करने के लिए एक ज़रा सा फेर बदल करना होगा. हम अगर सुशांत की हत्या की तारीख 14 जून की बजाये 13 जून कर दें तो सम्भव है हमारे हाथ में बहुत से बड़े सूत्र लग जाएं जो पूरी कहानी को खोल कर सामने रख दें. अगर सुशांत के मर्डर की तारीख 13 जून कहा जाए तो तेरह जून की रात हुआ है ये कत्ल. तेरह जून की रात हत्यारे पूरी योजनाबद्ध स्क्रिप्ट को लेकर सुशांत के घर आये और घर में उसका मर्डर करके कमरे में छोड़ दिया और बाकी का काम सुबह की शिफ्ट वाले किरदारों के लिए छोड़ दिया. सुबह की शिफ्ट के किरदारों ने बॉडी को लटका हुआ दिखाने की कोशिश की किन्तु चूंकि उनके पास स्क्रिप्ट रेडी नहीं थी इसलिए कई गलतियां कर गए - जैसे कमरे में कोई स्टूल या कुर्सी रखना भूल गए जिससे दिखाया जा सकता कि सुशांत ने उस पर चढ़ कर खुद को फांसी पर लटका लिया. 

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