Badruddin Ajmal के इस कदम से बढ़ेंगी BJP की मुश्किलें? AIUDF चीफ बोले- कुर्बानी के लिए भी तैयार

Assam Assembly Election 2021: बात अगर मुस्लिम वोटर्स की करें तो राज्य की कुल आबाद में 36 फीसद मुस्लिमों की आबादी है और करीब 33 सीटें ऐसी हैं जिन पर मुस्लिम वोटर्स का सीधा प्रभाव पड़ता है. 

Badruddin Ajmal के इस कदम से बढ़ेंगी BJP की मुश्किलें? AIUDF चीफ बोले- कुर्बानी के लिए भी तैयार
फाइल फोटो

Assam Assembly Election 2021: इलेक्शन कमीशन ऑफि इंडिया (ECI) ने शुक्रवार को 5 राज्यों में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है. बात असम की करें तो असम में तीन चरणों में मतदान होगा. जिसके पहले चरण में 47 सीटों पर 29 मार्च को, दूसरे चरण में 39 सीटों पर 1 अप्रैल और तीसरे चरण में 40 सीटों पर 6 अप्रैल को वोटिंग होगी. असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं. 

2016 के चुनावों में भाजपा ने बनाया इतिहास
पिछले चुनावों पर नज़र डालें तो साल 2016 में हुए विधानसभा चुनावों में NDA को जीत मिली थी. भाजपा के सर्वानंद सोनोवाल ने 15 वर्षों से असम की सत्ता पर काबिज तरूण गोगोई की कांग्रेस सरकार को हराकर भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाई. 2016 में भाजपा गठबंधन ने इतिहास रचते हुए पहली बार पूर्वोत्तर के किसी राज्य में सरकार बनाई थी.

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BJP को हराने के लिए कुर्बानी देने को तैयार: बदरुद्दीन
इस बार के चुनावों पर नजर डालें तो ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और कांग्रेस दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. AIUDF के चीफ मौलाना बदरुद्दीन ने पिछले दिनों एक बयान जारी कर भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर दी. उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए हम कुर्बानी (सीटों की) तक देने के लिए तैयार हैं. इसका मतलब है कि AIUDF और कांग्रेस के दरमियान सीटों के लेकर नाराज़गी का कोई सवाल ही नहीं उठता. इससे पहले तक राज्य मुस्लिम वोट दो हिस्सों बंटते थे. पहला कांग्रेस और दूसरा AIUDF लेकिन इस बार दोनों के हाथ मिला लेने से भाजपा की मुश्किलें बढ़ना लाज़मी है. 

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मोदी लहर में भी बदरुद्दीन ने दिखाया अपना दम
बात अगर मुस्लिम वोटर्स की करें तो राज्य की कुल आबाद में 36 फीसद मुस्लिमों की आबादी है और करीब 33 सीटें ऐसी हैं जिन पर मुस्लिम वोटर्स का सीधा प्रभाव पड़ता है. मौलाना बदरुद्दीन इन्हीं वोटर्स को लुभाने में लगे हुए हैं. मौलाना बदरुद्दीन की असम खासी पैठ है. उनकी पार्टी ने साल 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में भी तीन सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि पूरे देश में मोदी लहर देखने को मिली थी. 

इस तरह बनाई असम में अपनी पैठ
मौलाना बदरुद्दीन अजमल साल 2005 में अपनी पार्टी असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AUDF) की स्थापना की थी और अगले ही साल होने वाले चुनावों में उन्होंने 10 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके बाद AUDF का नाम बदलकर AIUDF (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) कर दिया गया. इसके बाद साल 2011 में हुए विधानसभा चुनावों में AIUDF ने पिछली बार से 8 सीटें ज्यादा जीतीं. यानी इस बार AIUDF ने 18 सीटों पर जीत हासिल की. हालांकि अगली बार साल 2016 में हुए चुनावों में उन्हें 13 सीटों पर ही संतुष्ट होना पड़ा था. महज़ कुछ ही वर्षों में बदरुद्दीन अजमल ने राज्य में अपनी पैठ जमा ली.

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Assam Assembly Elecion Results 2011
कांग्रेस: 78
AUDF:18
भाजपा: 05
BPF: 12
AGP: 10
आजाद: 02

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Assam Assembly Election Results 2016
भाजपा: 60
कांग्रेस: 26
AIUDF:13
AGP: 14
BPF: 12
आजाद: 01

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