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Atiq and Ashraf Ahmed Shot Dead: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार की देर रात अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद का गोली मारकर कत्ल कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि तीन युवक मीडियाकर्मी बनकर आए और जब अतीक अहमद मीडिया के सवालों को जवाब दे रहा था उस वक्त उसके सिरपर बंदूक मारकर कत्ल कर दिया है. गोली की आवाज सुनते ही अतीक अहमद के साथ खड़ी पुलिस और मीडियाकर्मी तुरंत तितर-बितर हो गए. सिर्फ उसके साथ उसका भाई अशरफ था. लेकिन अगले कुछ ही लम्हों में उसको भी मार दिया गया.
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह कातिलों ने कत्ल को अंजाम दिया है. बताया जा रहा है कि अतीक अहमद और अशरफ को मेडिकल के प्रयागराज अस्पताल ले जाया जा रहा था. जब उन्हें गाड़ी उतारा तो मीडिया कर्मियों ने घेर लिया और कई सवाल पूछे. मीडिया के इन्हें सवालों का अतीक अहमद जवाब दे रहा था और अचानक से फिर गोलियां की आवाज़ गड़गड़ाने लगी है.
लोग इस हमले के पीछे पुलिस की नाकामी का जिक्र कर रहे हैं. कह रहे हैं कि वो पुलिस जो देशभर में एनकाउंटर के लिए पहचानी जाती है, अब जब असल एनकाउंटर करने की बारी आई तो पीछे हट गई. वहीं कुछ लोग अतीक अहमद के कत्ल को स्क्रिप्टेड भी बता रहे हैं. यानी उनका कहना है कि यह अतीक अहमद का कत्ल एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया. इस बारे में अतीक का भाई अशरफ भी पहले बता चुका था. यह खबर जी सलाम ने भी 29 मार्च को पब्लिश की थी. पढ़िए
दरअसल 28 मार्च को जब अतीक अहमद को राजू पाल कत्ल मामले में के गवाह उमेश पाल के किडनैपिंग के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. इस मामले में अतीक के भाई अशरफ समेत कुछ लोगों को आरोपों से बरी कर दिया था. सजा सुनाए जाने से एक दिन पहले अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती जेल से और अशरफ को बरेली की जेल से प्रयागराज लाया गया था. अदालत की तरफ से सजा सुनाए जाने के बाद अशरफ को सीधे बरेली के वापस भेजा गया तो उसने हैरान कर देने वाली बातें कहीं.
दरअसल अशरफ ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्हें एक सीनियर अफसर ने धमकी दी है कि उनको दो हफ्तों के अंदर मार दिया जाएगा. अशरफ ने कहा,"मुझे एक अधिकारी ने धमती देते हुए कहा कि तुम्हें महज़ 2 हफ्तों के जेल से बाहर लाकर मार दिया जाएगा." इस दौरान अशरफ ने यह भी कहा था मेरे ऊपर लगे सभी आरोप फर्जी हैं और मेरा दुख सीएम योगी बेहतर समझते होंगे, क्योंकि उनके खिलाफ कई तरह के फर्जी मामले दर्ज किए गए हैं.
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