भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि, 216 दिनों में बना डाले 300 इंजन, ट्रेनों को मिलेगी 'रफ्तार'

चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 216 दिनों में 300 इंजन बनाने का मतलब हुआ औसतन प्रति सवा दिन में एक इंजन तैयार करना. 

भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि, 216 दिनों में बना डाले 300 इंजन, ट्रेनों को मिलेगी 'रफ्तार'

अक्सर सरकारी काम को देरी का पर्याय कहा जाता है. लेकिन भारतीय रेल का एक विभाग है जो अपने ही बनाए रिकॉर्डों को तोड़ रहा है. भारतीय रेल के लिए इंजन बनाने वाली शाखा चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स ने इंजन बनाने में एक नई मिसाल कायम की है. विभाग ने मात्र 216 दिनों में 300 इंजन तैयार कर रवाना कर दिए हैं.

अपने ही बनाए रिकॉर्ड को तोड़ा 
चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 216 दिनों में 300 इंजन बनाने का मतलब हुआ औसतन प्रति सवा दिन में एक इंजन तैयार करना. इससे पहले 2017-18 में विभाग ने 292 दिनों में इतने इंजन बनाए थे. रेलवे विभाग अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले 28 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है.


 

21 दिसंबर को हरी झंडी दी गई 300वें इंजन को
रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि कारखाने के महाप्रबंधक प्रवीण कुमार मिश्रा 21 दिसंबर को चितरंजन रेल इंजन कारखाना से 300वें लोको, WAG-9 HC (32692) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रेलवे का कहना है कि आगामी वर्ष में और तेजी से इंजन बनाने का लक्ष्य रहेगा ताकि अपने ही बनाए कीर्तिमान को तोड़ा जा सके.

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