अगर आपने भी खुलवाए हैं दो PPF अकाउंट, तो जान लीजिए इसके नुकसान

लॉन्ग टर्म के निवेश में Public Provident Fund (PPF) बहुत अच्छा विकल्प है, लेकिन ट्रांसफर या किसी दूसरी वजह से अगर आपको अपना PPF खाता मैनेज करने में दिक्कत हो रही है तो क्या आप एक नया PPF खाता खुलवा सकते हैं?

अगर आपने भी खुलवाए हैं दो PPF अकाउंट, तो जान लीजिए इसके नुकसान

नई दिल्ली : लॉन्ग टर्म के निवेश में Public Provident Fund (PPF) बहुत अच्छा विकल्प है, लेकिन ट्रांसफर या किसी दूसरी वजह से अगर आपको अपना PPF खाता मैनेज करने में दिक्कत हो रही है तो क्या आप एक नया PPF खाता खुलवा सकते हैं? ये एक ऐसा सवाल है, जिसके अक्सर निवेशक रूबरू होते हैं. इस सवाल का जवाब ये है कि दूसरा PPF खाता खुल तो जाएगा, लेकिन इसे अवैध माना जाएगा और इस पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा. एक व्यक्ति के नाम से सिर्फ एक ही PPF खाता हो सकता है. नया PPF खाता खुलवाने की जगह आपके पास अपने PPF खाते का दूसरे शहर में ट्रांसफर करवाने या दूसरे बैंक में ट्रांसफर करवाने का विकल्प रहता है. इसलिए नया PPF खाता खुलवाने की जगह अपने खाते को ट्रांसफर करवाने में ही समझदारी है.

ऐसे कराएं PPF खाते को ट्रांसफर
पीपीएफ खाते का लॉक-इन पीरियड 15 साल है. इसलिए 15 साल से पहले खाते को बंद नहीं किया जा सकता है, हालांकि इसे ट्रांसफर किया जा सकता है. खाते को एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में ट्रांसफर करवाने के लिए जिस ब्रांच में आपका खाता है, वहां एक एप्लीकेशन देनी होगी. इसके साथ ही अपनी पीपीएफ पासबुक को अपडेट जरूर करा लीजिए और इसमें अंतिम जमा और ब्याज का ब्यौरा प्रिंट होना चाहिए.

दोबारा करानी होगी KYC
इसके बाद जिस ब्रांच में आपको ट्रांसफर करवाना हैं, वहां आपके आवेदन की जांच होगी. डॉक्युमेंट्स की जांच के बाद नई ब्रांच में आपका खाता खोल दिया जाएगा. यहां आपको नए सिरे से KYC डॉक्युमेंट्स देने होंगे. खाता खुलने के बाद एक नई पासबुक इश्यु की जाएगी, जो पिछले क्लोजिंग बैलेंस से शुरू होगी. हालांकि आपको अपनी पुरानी पासबुक भी संभाल कर रखनी चाहिए.

दूसरे PPF खाते के ये हैं नुकसान
अगर आप ट्रांसफर की प्रक्रिया के बिना ही दूसरी जगह नया पीपीएफ खाता खुलवाएंगे तो इसे दूसरा पीपीएफ खाता माना जाएगा. चूंकि दूसरा खाता इनवैलिड है, इसलिए इस पर आपको ब्याज नहीं मिलेगा.

क्या है आगे रास्ता
चूंकि पीपीएफ खाता 15 साल से पहले बंद नहीं किया जा सकता है, इसलिए आप इस खाते को बंद भी नहीं कर सकते. इसलिए इस खाते को बनाए रखने के लिए जरूरी न्यूनतम राशि इसमें जमा करते रहिए. इसके अलावा आपके पास एक रास्ता और है. आप डिपार्टमेंट ऑफ इकनॉमिक अफेयर्स,  वित्त मंत्रालय में एनएस ब्रांच के अंडर सेकेट्री को पत्र लिखकर दोनों खातों को मिलने का अनुरोध कर सकते हैं.