चोकसी को सताने लगा जेल जाने का डर, कहा- PNB धोखाधड़ी में शामिल कंपनी से कोई संबंध नहीं

मेहुल चोकसी के वकीलों ने कहा कि जिन कंपनियों पर घोटाले के आरोप हैं, वह उन कंपनियों से 2000 में ही अलग हो गए थे.

चोकसी को सताने लगा जेल जाने का डर, कहा- PNB धोखाधड़ी में शामिल कंपनी से कोई संबंध नहीं
मेहुल चोकसी का भांजा नीरव मोदी फिलहाल ब्रिटेन की जेल में बंद है. (फाइल)

नई दिल्ली: नीरव मोदी के जेल जाने के बाद लगता है मेहुल चोकसी को भी जेल जाने का डर सताने लगा है. बैंक धोखाधड़ी में फंसे मेहुल चोकसी ने बुधवार को कहा कि वह घोटाले के लिये जांच के घेरे में आयी किसी भी कंपनी में भागीदार नहीं थे. वह उन कंपनियों से 2000 में ही अलग हो गये थे. चोकसी के वकीलों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि उनके खिलाफ छापे एक पुराने दसतावेज ‘अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी)’ के आधार पर मारे गये. उन्होंने वह दस्तावेज 1995 में पंजाब नेशनल बैंक को सौंपा था.

बयान के अनुसार, ‘‘चोकसी ने कई बार केवाईसी में सुधार के लिये कहा था. वह उस किसी भी कंपनी में भागीदार नहीं हैं जो कथित घोटाले के कारण जांच के घेरे में है. वास्तव में चोकसी ने 2000 में ही इन कंपनियों से नाता तोड़ दिया था. उसने कहा कि संपत्ति जब्त होने के कारण वह कर्ज लौटाने की स्थिति में नहीं है.

Mehul Choksi says no partnership in companies involve PNB Scam

बयान के अनुसार, ‘‘इस परिस्थिति में चोकसी से किसी भी बकाये कर्ज को चुकाने की उम्मीद नहीं की जा सकती. चोकसी, 25 साल तक पीएनबी का ग्राहक रहा और एक बार भी कर्ज लौटाने में उससे चूक नहीं हुई.’’चोकसी तथा उसका रिश्तेदार नीरव मोदी दोनों आभूषण दुकानों के मालिक थे और दोनों ने कथित रूप से पंजाब नेशनल बैंक के दो कर्मचारियों के साथ साठगांठ कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया.

Mehul Choksi says no partnership in companies involve PNB Scam

चोकसी की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है कि चोकसी ने पीएनबी अधिकारियों के साथ बैठक की जिसमें उसे यह संकेत दिया गया कि मामले को सौहादपूर्ण तरीके से निपटा दिया जायेगा. लेकिन पीएनबी अधिकारियों ने बार बार उसके आग्रह को नजरअंदाज किया और पूराने केवाईसी दस्तावेज को अपने आरोपों का आधार बनाया.